Sunday, 8 September 2019

चंद्रयान 2: लॉन्चिंग से लेकर अब तक की पूरी कहानी, जानें अब आगे क्या होगा?

चंद्रयान 2: लॉन्चिंग से लेकर अब तक की पूरी कहानी, जानें अब आगे क्या होगा?

-💁‍♂चन्द्रयान-2 (Chandrayaan-2) मिशन 22 जुलाई 2019 को आंध्र प्रदेश के श्रीहरीकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया गया था. चंद्रयान-2 अब चांद के दक्षिणी ध्रुव तक पहुंचने के लिए 48 दिन की यात्रा शुरू हो गई थी. भारत इससे पहले चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग 15 जुलाई को करने वाला था, लेकिन क्रॉयोजेनिक इंजन में लीकेज के कारण रोक दिया गया था.

चन्द्रयान-2 मिशन का मुख्य उद्देश्य चांद की सतह का नक्शा तैयार करना, खनिजों की मौजूदगी का पता लगाना, चंद्रमा के बाहरी वातावरण को स्कैन करना और किसी न किसी रूप में पानी की उपस्थिति का पता लगाना था. चंद्रयान 1 की खोजों को आगे बढ़ाने के लिए चंद्रयान-2 को भेजा गया था.-

🌕22 जुलाई से लेकर 13 अगस्त 2019 तक

चंद्रयान-2 अंतरिक्ष यान 22 जुलाई 2019 से लेकर 13 अगस्त 2019 तक पृथ्वी के चारों तरफ चक्कर लगाया. अर्थात 23 दिन तक चंद्रयान-2 पृथ्वी की अलग-अलग कक्षाओं में परिक्रमा करता रहा.

🌕13 अगस्त से 19 अगस्त 2019 तक

चंद्रयान-2 इसके बाद 13 अगस्त से 19 अगस्त 2019 तक चांद की तरफ जाने वाली लंबी कक्षा में यात्रा किया. चंद्रयान-2 को 14 अगस्त 2019 को लूनर ट्रांसफर ट्रेजेक्टरी पर भेजा गया था.

🌕20 अगस्त 2019 को चंद्रयान-2

इसरो ने 20 अगस्त 2019 को चंद्रयान-2 को चांद की पहली कक्षा में सफलतापूर्वक दाखिल करा दिया था. इसके साथ ही इसरो के नाम एक और बड़ी उपलब्धि हासिल हो गई थी.

🌕21 अगस्त से 01 सितंबर

21 अगस्त से 01 सितंबर तक चंद्रयान-2 चंद्रमा की चार और कक्षाओं को पार किया था. अर्थात 28 अगस्त से 30 अगस्त तथा फिर 1 सितंबर को चंद्रयान-2 चौथी कक्षा को पार किया. उस समय चांद से उसकी दूरी 18 हजार किलोमीटर से घटकर मात्र 100 किलोमीटर हो गई थी.

🌕02 सितंबर

02 सितंबर 2019 को चंद्रयान-2 मिशन लैंडर ऑर्बिटर से अलग हो गया था. विक्रम लैंडर अपने अंदर मौजूद प्रज्ञान रोवर को लेकर चांद की ओर बढ़ना शुरू किया था.

🌕03 सितंबर

इसरो के वैज्ञानिकों द्वारा 03 सितंबर 2019 को विक्रम लैंडर की पूरी तरह से जांच किया गया. इसरो के वैज्ञानिकों ने इसके लिए 3 सेकंड के लिए उसका इंजन ऑन किये थे तथा उसकी कक्षा में मामूली बदलाव किये.

🌕04 सितंबर

इसरो वैज्ञानिक विक्रम लैंडर को 04 सितंबर को चांद के सबसे नजदीकी कक्षा में पहुंचाया था. इस कक्षा की एपोजी (चांद से कम दूरी) 35 किमी और पेरीजी (चांद से ज्यादा दूरी) 97 किमी थी.

🌕07 सितंबर

चंद्रयान-2 के अंतिम चरण में भारत के मून लैंडर विक्रम से उस समय संपर्क टूट गया था जब वह चंद्रमा की सतह की ओर बढ़ रहा था. इसरो के अनुसार, रात 1:37 बजे लैंडर की चांद पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ की प्रक्रिया शुरू हो गई थी. लेकिन लगभग 2.1 किमी ऊपर संपर्क टूट गया था. इसरो के अध्यक्ष के. सिवन ने कहा की डेटा की समीक्षा की जा रही है.

🌕अब आगे क्या होगा:

02 सितंबर 2019 को ‘विक्रम’ लैंडर को ऑर्बिटर से सफलतापूर्वक अलग कर दिया गया था. वह अभी भी चंद्रमा की सतह से 119 किमी से 127 किमी की ऊंचाई पर घूम रहा है. 2,379 किलो वजनी ऑर्बिटर के साथ 8 पेलोड भी हैं और यह एक साल तक काम करेगा. अर्थात लैंडर तथा रोवर की स्थिति पता नहीं चलने पर भी मिशन जारी रहेगा. वहां की महत्वपूर्ण जानकारी इसरो को भेजेगा. ऐसे में अब चांद के अगले अभियानों के लिए ऑर्बिटर से मिलने वाली जानकारी महत्वपूर्ण हो सकती हैं.

🌕इजरायल के यान के साथ भी ऐसी ही दिक्कत आई थी

इजराइल की निजी कंपनी स्पेसएल ने अप्रैल 2019 में अपना मून मिशन भेजा था. लेकिन इजराइल का यान बेरेशीट चंद्रमा की सतह पर उतरने के दौरान क्रैश हो गया था. इस यान के इंजन में कुछ तकनीकी दिक्कत आने के बाद उसका ब्रेकिंग सिस्टम फेल हो गया था. वे चंद्रमा की सतह से लगभग 10 किलोमीटर दूर था. तभी उसी समय पृथ्वी से उसका संपर्क टूट गया और रोवर चंद्रमा की सतह पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था.

🌕पहली बार दक्षिणी ध्रुव पर उतरने की कोशिश

इसरो के वैज्ञानिकों ने पहले ही बताया था कि लैंडिंग के आखिरी पंद्रह मिनट सबसे जटिल होंगे. बहुत तेज गति से चल रहे ‘विक्रम’ को चांद की सतह तक सफलतापूर्वक उतारना बहुत बड़ी चुनौती थी. ‘विक्रम’ ने अंतिम समय में अपनी दिशा बदल दी, जिसके बाद उससे संपर्क टूट गया. आपको बता दे कि दक्षिणी ध्रुव पर आज तक कोई भी देश लैंड नहीं कर सका है.

Saturday, 7 September 2019

सम्पर्क टूटा है उम्मीद नहीं

सम्पर्क टूटा है उम्मीद नहीं

✅ चंन्द्रयान 2 🛰 - 2.1 किमी के बाद विक्रम का संपर्क टूटा, इसरो में 😔मायूसी

✅भारत चांद की सतह पर इतिहास रचने की दहलीज पर खड़ा है, लेकिन चंद्रमा की सतह से 2.1 किलोमीटर पहले लैंडर विक्रम से आर्बिटर का संपर्क टूट गया। इसके बाद इसरो को सिग्नल मिलना बंद हो गए। इससे इसरो में मौजूद तमाम लोगों के माथे पर चिंता की लकीरे खिंच गई है। हालांकि अभी फाइनल अपडेट का इंतजार है

✅इसरो के चेयरमैन के सिवन ने कहा कि लैंडर से आर्बिटर का संपर्क टूटा। लैंड होने की जगह से 2.1 किमी पहले लैंडर से आर्बिटर का संपर्क टूटा। हालांकि अभी डेटा का इंतजार है। इस दौरान वहां मौजूद पीएम मोदी ने इसरो चेयरमैन की पीठ थपथपाई और कहा कि देखिए जीवन में उतर चढ़ाव आते रहते हैं।

✅य कोई छोटा अचीवमेंट नहीं है, देश आप पर गर्व करता है। फिर से कम्युनिकेशन शुरू हुआ तो अब भी उम्मीद बची है। मेरी तरफ से वैज्ञानिकों को बधाई, आप लोगों ने विज्ञान और मानव जाति की बहुत बड़ी सेवा की है। मैं पूरी तरह आपके साथ हूं हिम्मत के साथ चलें।

✅इसके बाद पीएम मोदी ने वहां मौजूद 60 बच्चों के सवालों का भी जवाब दिया और उन्हें अपना लक्ष्य निर्धारित करते हुए धीरे-धीरे उसकी ओर बढ़ने की सीख दी। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता है।

✅इससे पहले 1.43 बजे विक्रम लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। इसके बाद उसने लैंडिंग का रफ ब्रेकिंग फेज व फाइनल ब्रेकिंग फेज भी सफलता पूर्वक पूरा कर लिया था, लेकिन कुछ देर बाद ही उसका आर्बिटर से सम्पर्क टूट गया। इसके बाद से ही सभी चेहरों पर चिंता की लकीरे खिंच गई।

Thursday, 5 September 2019

Teachers Day 2019: जानिये क्यों खास है यह दिन?

Teachers Day 2019: जानिये क्यों खास है यह दिन?

Teacher’s Day 2019: डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को उनकी जयंती पर सम्मानित करने के लिए हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस (Teacher’s Day) मनाया जाता है. डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के पहले उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति थे. डॉ. राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर, 1888 को हुआ था.

Teacher’s Day 2019 के अवसर पर डॉ. राधाकृष्णन की 131वीं जयंती भी मनाई जाएगी. डॉ. राधाकृष्णन का मानना था कि शिक्षकों के पास देश का सर्वश्रेष्ठ दिमाग होना चाहिए. वर्ष 1962 से, जिस वर्ष वे भारत के दूसरे राष्ट्रपति बने, शिक्षक दिवस उनके जन्मदिन पर मनाया जाने लगा.

🎓Teacher’s Day का महत्व🎓

Teacher’s Day अथवा शिक्षक दिवस का उद्देश्य किसी व्यक्ति के जीवन को आकार देने में सभी शिक्षकों के योगदान को महत्व देना है.  इस दिन स्कूलों में छुट्टी नहीं होती और छात्रों को स्कूल जाना होता है. हालांकि स्कूल में सामान्य कक्षाओं को उत्सव की गतिविधियों से बदल दिया जाता है और शिक्षकों को उनकी कड़ी मेहनत और छात्र के शैक्षिक जीवन में अंतहीन योगदान के लिए सम्मानित किया जाता है. शिक्षक दिवस उन सभी शिक्षकों, गुरुओं और गुरुओं को समर्पित है जो अपने छात्रों को बेहतर मानव बनने के लिए उनका मार्गदर्शन करते हैं.

🎲 कैसे हुई शुरुआत?

डॉ. राधाकृष्णन के जन्मदिन के शुभ अवसर पर उनके छात्रों और दोस्तों ने उनसे उनका जन्मदिन मनाने की अनुमति देने का अनुरोध किया, लेकिन जवाब में डॉ. राधाकृष्णन ने कहा कि “मेरे जन्मदिन को अलग से मनाने के बजाय, यह सौभाग्य की बात होगी कि 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए.”

🎓डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को मिले सम्मान🎓

• डॉ. राधाकृष्णन को 1954 में भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित किया गया था.
• उन्हें कई अन्य प्रतिष्ठित पुरस्कारों के साथ-साथ 1931 में नाइटहुड और 1963 में ब्रिटिश रॉयल ऑर्डर ऑफ मेरिट की मानद सदस्यता से सम्मानित किया गया.
• डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को नोबेल पुरस्कार के लिए 27 बार, साहित्य में नोबेल पुरस्कार के लिए 16 बार और नोबेल शांति पुरस्कार के लिए 11 बार नामांकित किया गया था.

Wednesday, 4 September 2019

Today's Current Affairs And States and Scheme

Today's Current Affairs

हाल ही में ISTAFAF बर्लिन स्पर्धा में किसने रजत पदक हासिल किया है - जिनसन जोनसन

किस क्रिकेटर ने T-20 में सर्वाधिक विकेट लेने का रिकोर्ड अपने नाम किया है - लसिथ मलिंगा(श्री लंका)

हाल ही में बॉडी बिल्डर फेडरेशन द्वारा किसे सम्मानित किया गया है - एस भास्करन

पूरे देश में एक नया मेगा मतदाता सत्यापन कार्यक्रम किसने शुरू किया है - चुनाव आयोग 

कौन सा जंक्शन मुफ्त वाईफाई पाने वाला 4000वां रेलवे स्टेशन बन गया है - तिनसुकिया

किसने ISSF विश्व कप में गोल्ड मैडल जीता है - यशस्विनी देसवाल

मरुस्थलीयकरण से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के पक्षों का 14 वां सम्मेलन कहाँ होगा - ग्रेटर नोएडा

किस राज्य ने हाल ही में घोषणा की है कि वहां अरुण जेटली की एक प्रतिमा लगाई जाएगी - बिहार

इप्सोस द्वारा जारी ग्लोबल हैप्पीनेस सर्वे में भारत को किस स्थान पर रखा गया है - 9 वें 

सितम्बर माह को राष्ट्रीय पोषण माह के रूप में मनाया जाता है, इस वर्ष का विषय था - Complementary Feeding

महत्वपूर्ण बिंदु

श्री लंका की राजधानी - कोलम्बो, श्री जयबर्धनेपुरम

श्री लंका की मुद्रा - श्री लंकाई रुपया

श्री लंका के प्रधानमन्त्री - रनिल विक्रमसिंघे

श्री लंका के राष्ट्रपति - मैत्रीपाला सिरिसेना

चुनाव आयोग की स्थापना -25 जनवरी 1950

चुनाव आयोग का मुख्यालय - नई दिल्ली

भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त - सुनील अरोड़ा

बिहार की राजधानी - पटना 

बिहार के मुख्यमंत्री - नितीश कुमार

बिहार के राज्यपाल - फागू चौहान 

States and Scheme 

♻️"अमा घरे LED योजना" ➖उड़ीसा
♻️"उज्जवल सेनीटरी नैपकिन" ➖उड़ीसा
♻️"बीज़ू स्वास्थ्य योजना" ➖उड़ीसा
♻️"युवा स्वाभिमान योजना" ➖मध्य प्रदेश
♻️"जय किसान ऋण मुक्ती योजना" ➖मध्य प्रदेश
♻️"अटल सोलर कृषि पंज योजना" ➖महाराष्ट्र
♻️"महिला पुलिस स्वयंसेवक योजना" ➖हरियाणा
♻️"गौ कल्याण सेस"➖उत्तर प्रदेश
♻️"एक परिवार, एक नोकरी" ➖सिक्किम
♻️"प्रवासी लाभांश पेंशन योजना" ➖ केरल
♻️"रक्षक प्लस योजना" ➖ भारतीय सेना द्वारा, पीएनबी बैंक के साथ
♻️"जीवन संपर्क परियोजना"➖उड़ीसा
♻️"महाग्रिटेक परियोजना"➖ महाराष्ट

Saturday, 31 August 2019

फिट इंडिया मूवमेंट

फिट इंडिया मूवमेंट

प्रधानमंत्री ने 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में लाखों लोगों की मौजूदगी में फिट इंडिया अभियान की शुरुआत की।

✅प्रधानमंत्री की संकल्पना के अनुरूप राष्ट्रव्यापी फिट इंडिया अभियान का उद्देश्य प्रत्येक भारतीय को रोज़मर्रा के जीवन में फिट रहने के साधारण और आसान तरीके शामिल करने के लिये प्रेरित करना है।

✅फिट इंडिया एक मज़बूत और प्रगतिशील भारत की मांग है। अतः सभी को मानसिक एवं शारीरिक रूप से फिट रहने के लिये इस अभियान की अत्यंत आवश्यकता है।

https://akashraghuwanshi93.blogspot.com/2019/08/2-40.html

✅इस कार्यक्रम के तहत खेलों और नृत्य के रूप में भारत की समृद्ध स्वदेशी विरासत का प्रदर्शन किया गया तथा फिटनेस को बढ़ाने पर ज़ोर दिया गया।

✅इस कार्यक्रम के लिये हज़ारों स्कूली बच्चे, साइकिल सवार, धावक, एरोबिक डांसर सुबह ही इंदिरा गांधी स्टेडियम में एकत्रित हो गए और उन्होंने फिटनेस से जुड़े अनेक क्रियाकलापों का प्रदर्शन किया।

✅यह अभियान एक राष्ट्रीय लक्ष्य के तहत क्रियान्वित किया जाएगा।

✅फिट इंडिया अभियान को सरकार द्वारा शुरू किया गया है लेकिन इसको सफल बनाने के लिये लोगों की भागीदारी अनिवार्य है।

✅राष्ट्रीय फिटनेस के प्रतीक माने जाने वाले लोग भी इस समारोह के दौरान उपस्थिति थे, जिनका चयन फिटनेस की दिशा में लगातार उनकी निष्ठा के लिये युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय द्वारा किया गया था।

✅इसके अंतर्गत 101 वर्षीय मन कौर जो अभी भी दौड़ सकती हैं, 81 वर्षीय ऊषा सोमन जो दंड-बैठक कर सकती हैं, और ऐसे ही लगभग 20 फिटनेस के प्रतीक शामिल थे जिन्हें फिट जीवन जीने के लिये नागरिकों को प्रेरित करने के उद्देश्य से चुना गया था।

✅इस वर्ष के खेल पुरस्कार विजेता भी इस अवसर पर मौजूद थे।

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Wednesday, 28 August 2019

चन्द्रयान 2 से सम्बंधित महत्त्वपूर्ण 40 प्रश्न एक जगह

चन्द्रयान 2 से सम्बंधित महत्त्वपूर्ण 40 प्रश्न एक जगह 🚀
          
प्रश्न1  चंद्रयान मिशन 2 को कब लांच किया गया?
उत्तर-  22 जुलाई 2019

प्रश्न2 Chandrayaan-2 अभियान को भारत के किस शक्तिशाली रॉकेट से लांच किया गया?
उत्तर –GSLV  मार्क 3

प्रश्न3 भारत की कौन सी संस्था  ने चंद्रयान मिशन 2 को लॉन्च किया?
उत्तर-  ISRO (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन)

प्रश्न4   चंद्रयान-2   को किस अंतरिक्ष केंद्र से लांच किया गया?
उत्तर-  सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र

प्रश्न5  चंद्रयान मिशन 2 को लॉन्च करने में कितना खर्च आया?
उत्तर- 960  करोड़ रुपए

प्रश्न6 ISRO (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) का मुख्यालय कहां पर स्थित है?
उत्तर-  बेंगलुरु

प्रश्न7   चंद्रयान-2  को कहां पर उतरना है?
उत्तर-  चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर

  प्रश्न8  चंद्रयान-2 अभियान को कहां से लांच किया गया?
उत्तर-  श्रीहरिकोटा

प्रश्न9 सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र कहां पर स्थित है?
उत्तर- Andhra Pradesh

प्रश्न10 भारत का अंतरिक्ष मंत्रालय किसके पास है?
उत्तर-  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रश्न11  चंद्रयान मिशन 2 के प्रोजेक्ट डायरेक्टर कौन है?
उत्तर-  एम वनीता और रितु करीधल

प्रश्न12  वर्तमान में ISRO (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन)  के अध्यक्ष कौन है?
उत्तर- के सिवन (2019)

प्रश्न13 चंद्रयान-2 को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने में कितने दिन का समय  लगेगा?
उत्तर- 53 से 54  दिन

प्रश्न14 चंद्रयान-2  अभियान भारत का चंद्रमा के लिए कौन सा मिशन होगा?
उत्तर-  दूसरा

प्रश्न15  चंद्रयान मिशन1  कब लांच किया गया था?
उत्तर-  22 अक्टूबर 2008

प्रश्न16 चंद्रयान-2 को कहां से लांच किया गया था?
उत्तर-  सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र ( श्रीहरिकोटा)

प्रश्न17 चंद्रयान मिशन 1  को लांच करने में कितना खर्चा आया था?
उत्तर- 380  करोड़ रुपए

प्रश्न18  चंद्रयान मिशन 1 के समय इसरो के अध्यक्ष कौन थे?
उत्तर-  जी माधवन नायर

प्रश्न19  चंद्रयान-2  को किस रॉकेट के जरिए लॉन्च किया गया था?
उत्तर- PSLV-C11

  प्रश्न20  चंद्रयान-2 चंद्रमा पर कब पहुंचा था?
उत्तर-  22 अक्टूबर 2008 को

  प्रश्न21  चंद्रयान-2 की सफल सेंडिंग के साथ भारत चंद्रमा की सत्ता है पर पहुंचने वाला दुनिया का कौन सा देश बन जाएगा?
उत्तर-  चौथा

प्रश्न22  चंद्रयान 2 के तीन मत्वपूर्ण हिस्से कौन से हैं?
उत्तर-  ऑर्बिटर, लैंडिंग  एवं रोवर

प्रश्न23  चंद्रयान मिशन 2 लैनडर का क्या नाम रखा गया है?
उत्तर-  विक्रम

प्रश्न24  चंद्रयान-2 का हिस्सा ऑर्बिटल क्या कार्य करेगा?
उत्तर-  चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगाएगा

प्रश्25 चंद्रयान-2 का हिस्सा  लैनडर क्या कार्य करेगा?
उत्तर-  चंद्रमा की सतह पर उतरेगा

प्रश्न26  चंद्रयान-2 का हिस्सा रोवर क्या कार्य करेगा?
उत्तर-  चंद्रमा की सतह पर उतरेगा और चलेगा

प्रश्न27  किस देश का चंद्रयान मिशन बेरेशीट असफल हो गया था?
उत्तर-  इजराइल

प्रश्न28 चंद्रयान मिशन बेरेशीट को कब लॉन्च किया गया था?
उत्तर-  22 फरवरी को

प्रश्न29  पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की दूरी कितनी है?
उत्तर- 384400 km

प्रश्न30  चंद्रमा से परावर्तित रोशनी पृथ्वी तक कितने समय में पहुंचती हैं?
उत्तर- 1.30  सेकंड

प्रश्न31  चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण पृथ्वी की अपेक्षा कितना है?
उत्तर- 1\6

प्रश्न32  पृथ्वी की सतह से चांद का कितने प्रतिशत भाग दिखाई देता है?
उत्तर-  59%

प्रश्न33  चंद्रमा का व्यास कितना होता है?
उत्तर- 3478 किमी

प्रश्न34 चंद्रमा के वर्णन की विद्या को क्या कहा जाता है?
उत्तर- सेलेनोलॉजी (Selenology)

प्रश्न35  चांद पर कदम रखने वाला प्रथम इंसान नील आर्मस्ट्रांग किस अंतरिक्ष यान से चंद्रमा पर उतरे थे?
उत्तर-  अपोलो11

प्रश्न36 नील आर्मस्ट्रांग ने चांद पर कदम कब रखा था?
उत्तर-   20 जुलाई 1969

प्रश्न37  किसे जीवाश्म ग्रह के नाम से  भी जाना जाता है?
उत्तर-  चंद्रमा

प्रश्न38  चंद्रयान-2 का वजन कितना है?
उत्तर- 3877 किलोग्राम

प्रश्न39 चांद के दक्षिणी ध्रुव   पर उतरने वाला दुनिया का पहला देश कौन  बना है?
उत्तर-  भारत

प्रश्न40 आर्बिटल का क्या काम है?
उत्तर-  मुख्य उद्देश्य पृथ्वी और लैंडर के बीच कम्युनिकेशन करना।

Sunday, 25 August 2019

मुगल काल से सम्‍बंधित प्रश्नोत्तर

मुगल काल से सम्‍बंधित प्रश्नोत्तर

कौन सा मकबरा ‘द्वितीय ताजमहल’ कहलाता है- राबिया-उद्-दौरानी का मकबरा/बीबी का मकबरा


औरंगजेब ने दक्षिण में जिन दो राज्‍यो को विजीत किया था-वे थे- बीजापुर व गोलकुण्‍डा

जहांगीर की आत्‍मकथा तुजुक-ए-जहांगीरी किसने पूरी की- जगत गोसाई ने

मुगलकालीन मनसबदारी व्‍यवस्‍था में ‘जात’ एवं ‘सवार’ बोधक था- क्रमश: मनसबदार के पद एवं उसके सैनिक दायितवों का

अकबर के नवरत्‍न मे से एक, बीरबल किस अभियान के समय मारे गये- युसुफजाइयों के विद्रोह को दबाते समय

हमीदा बानू बेगम कौन थी- अकबर की मां

मुगल स्‍थापतय कला के संदर्भ में ‘पिट्रा ड्युरा’ का अर्थ है- संगमरमर के पत्‍थर पर जवाहरात से की गई जडावट

पानीपत का प्रथम युद्धकब और किनके बीच हुआ था-
1526मे बाबर और इब्राहीम लोदी के बीच

खानवा का युद्ध कब और किनके बीच हुआ था
- 1528 ई. मे बाबर और राणा सांगा के बीच

चंदेरी का युद्ध कब और किनके बीच हु- 1528 ई. बाबर और मोदिनी राय के बीच

घाघरा का युद्ध कब और किनके बीच हुआ था
- 1529 में बाबर और अफगानों (महमूद लोदी) के बीच

अकबर द्वारा दास प्रथा की समाप्ति कब हुई- 1562 ई. मे

अकबर द्वारा तीर्थयात्रा कर की समाप्ति कब हुई- 1563 ई. में

अकबर द्वारा जजिया कर की समाप्ति कब हुई- 1564ई. में

अकबर द्वारा सूबों का पुनर्गठन कब हुआ- 1580 ई. मे

अकबर के शासनकाल मे भू राजस्‍व सुधारों के लिए कौन उततरदायी था- टोडरमल


‘हुमायुंनामा’ किसने लिखा था- गुलबदन बेगम ने

अकबर के शासनकाल मे महाभारत का फारसी भाषा मे अनुवाद किया गया था, वह किस नाम से जाना जाता है- रज्‍मनामा

‘तुलसीदास’ किसके शासनकाल से संबंधित थे- अकबर

किस युद्ध में बाबर ने जिहाद (धर्मयुद्ध) का नारा दिया, ‘तमगा’ नामक कर को समाप्‍त किया और युद्ध जिनने के उपरान्‍त ‘गाजी’ (धर्मयोद्धा) की उपाधि धारण की- खानवा के युद्ध मे

हुमायुं ने कोहिनूर हीरा कहां से प्राप्‍त किया
- ग्‍वालियर के राजा विक्रम‍जीत के परिवार से

किस युद्ध को जीतने के उपरान्‍त बाबर ने खजाने का मुंह अमीरों, सगें-संबंधियों आदि के लिए खोल दिया और इस उदारता के लिए उसे’कलंदर’ की उपाधि दी गई- पानीपत का प्रथम युद्ध

भारत मे ग्रांड ट्रंक रोड(जी.टी. रोड) किसने बनवाई थी- शेरशाह सूरी ने

गुजरात विजय मकी याद में अकबर ने किसका निर्माण करवाया था- बुलंद दरवाजा का

आइन-ए-अकबरी किसके द्वारा लिखी गई- अबुल फजल

अकबर द्वारा बनवाए गए उपासना-भवन/पूजा-गृह का क्‍या नाम था- इबादतखाना

सुप्रसिध्‍द संगीतज्ञद्वय- तानसेन और बैजू बावरा-किसके शासनकाल मे सुविख्‍यात थे- अकबर के

मुबइयान नामक पद्य शैली के जन्‍मदाता बाबर ने अपनी आत्‍मकथा तुजुक-ए-बाबरी किस भाषा मे लिखी- तुर्की

बाबर मूल रुप से कहां का शासक था- फरगना का

पानीपत की दूसरी लडाई (5 अप्रैल,1556 ) किसके बीच हुई थी- अकबर और हेमू

किस विजय के दौरान अकबर ने सर्वप्रथम समुद्र को देखो- गुजरात विजय

शेरशाह सूरी का मकबरा स्थित है- सासाराम में

अकबर का राज्‍यभिषेक हुआ था- कालानौर में

किस मुगल शासक को आलमगीर कहा जाता था- औरंगजेब

जवाबित का सम्‍बन्‍ध था- राज्‍य कानून से

अकबर द्वारा अपनाई गई ‘सुलह-ए-कुल’ (सार्वभौम शांति तथा भाईचारा) की अवधारणा किस पर आधारित थी- राजनीतिक उदारता, धार्मिक सहनशीलता और उदारवादी सांस्‍कृतिक दृष्टिकोण पर

प्रसिध्‍द संगीतज्ञ तानसेन का मकबरा स्थित है- ग्‍वालियर पर

शेरशाह के बचपन का नाम था- फरीद खां

शेरशाह को अपने पिता हसन खां की जागीर के प्रबंधक के रुप मे नियुक्‍त किया गया था, वह जागीर थी- सहसराम/सासाराम

दक्षिण बिहार का वा‍स्‍तविक शासक बनकर शेर खां ने उपाधि धारण की- हजरत-ए-आला की

शेरशाहकालीन प्रशासन मे फातेदार था- कोषाध्‍यक्ष

शेरशाहकालीन प्रशासन में कानूनगो का काम था- भूमि-सम्‍बन्‍धी रिकॉर्डो को रखना

1526 ई. बाबर ने किस वंश के शासक को परास्‍त कर मुगल साम्राज्‍य की नींव डाली- लोदी वंश

प्रसिध्‍द मुस्लिम शासिका चांद बीबी, जिसने बरार को अकबर को सौपा, किस राज्‍य से संबंधित थी- अहमदनगर

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