1. लू की प्रकृति कैसी होती है
Ans : गर्म व शुष्क
2. लू किस स्थान पर चलती है
Ans : उत्तरी भारत-पाकिस्तान
3. हबूब की प्रकृति कैसी होती है
Ans : गर्म
4. हबूब किस स्थान पर चलती है
Ans : सूडान टारगेट अड्डा
5. चिनूक या Snow Eater की प्रकृति कैसी होती है
Ans : गर्म व शुष्क
6. चिनूक या Snow Eater किस स्थान पर चलती है
Ans : रॉकी पर्वत
7. मिस्ट्रलकी प्रकृति कैसी होती है
Ans : ठण्डी
8. मिस्ट्रल किस स्थान पर चलती है
Ans : स्पेन-फ्रांस
9. हरमट्टन की प्रकृति कैसी होती है
Ans : गर्म व शुष्क
10. हरमट्टन किस स्थान पर चलती है
Ans : पश्चिम अफ्रीका
11. सिरोको की प्रकृति कैसी होती है
Ans : गर्म व शुष्क
12. सिरोको किस स्थान पर चलती है
Ans : सहारा मरूस्थल
13. सिमून की प्रकृति कैसी होती है
Ans : गर्म व शुष्क
14. सिमून किस स्थान पर चलती है
Ans : अरब मरूस्थल टारगेट अड्डा
15. बोरा की प्रकृति कैसी होती है
Ans : ठण्डी व शुष्क
16. बोरा किस स्थान पर चलती है
Ans : इट्ली, हंगरी
17. ब्किजर्ड की प्रकृति कैसी होती है
Ans : ठण्डी
18. ब्किजर्ड किस स्थान पर चलती है
Ans : टुण्ड्रा प्रदेश
19. लेवेंटर की प्रकृति कैसी होती है
Ans : ठण्डी
20. लेवेंटर किस स्थान पर चलती है
Ans : स्पेन
21. ब्रिक फील्डर की प्रकृति कैसी होती है
Ans : गर्म व शुष्क
22. ब्रिक फील्डर किस स्थान पर चलती है
Ans : ऑस्ट्रेलिया
23. फ्राइजेम की प्रकृति कैसी होती है
Ans : ठण्डी
24. फ्राइजेम किस स्थान पर चलती है
Ans : ब्राजील
25. पापागयो की प्रकृति कैसी होती है
Ans : ठण्डी व शुष्क
26. पापागयो किस स्थान परt चलती है
Ans : मैक्सिको
27. खमसिन की प्रकृति कैसी होती है
Ans : गर्म व शुष्क
28. खमसिन किस स्थान पर चलती है
Ans : मिस्त्र
29. सोलानो की प्रकृति कैसी होती है
Ans : गर्म व आर्द्रतायुक्त
30. सोलानो किस स्थान पर चलती है
Ans : सहारा
31. पुनाज की प्रकृति कैसी होती है
Ans : ठण्डी व शुष्क
32. पुनाज किस स्थान पर चलती है
Ans : एण्डीज पर्वत
33. पुर्गा की प्रकृति कैसी होती है
Ans : ठण्डी
34. पुर्गा किस स्थान पर चलती है
Ans : साइबेरिया
35. नॉवेंस्टर की प्रकृति कैसी होती है
Ans : गर्म
36. नॉवेंस्टर किस स्थान पर चलती है
Ans : न्यूजीलैण्ड
37. सांता एना की प्रकृति कैसी होती है
Ans : गर्म व शुष्क
38. सांता एना किस स्थान पर चलती है
Ans : कैलीफोर्निया
39. शामल की प्रकृति कैसी होती है
Ans : गर्म व शुष्क
40. शामल किस स्थान पर चलती है
Ans : इराक,ईरान
41. जोण्डा की प्रकृति कैसी होती है
Ans : गर्म व शुष्क
42. जोण्डा किस स्थान पर चलती है
Ans : अर्जेंटीना
43. पैम्पेरो की प्रकृति कैसी होती है
Ans : ठण्डी
‘सपने वो नहीं हैं जो आप नींद में देखते हैं, सपने वो हैं जो आपको नींद ही नहीं आने दें’ .......डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम
Saturday, 25 January 2020
महत्वपूर्ण सामान्य ज्ञान प्रश्न
Thursday, 19 December 2019
सूर्य ( Sun )
सूर्य ( Sun )
- सूर्य के रासायनिक संगठन में हाइड्रोजन 71%, हीलियम 26.5% तथा अन्य तत्व 2.5% शामिल हैं।
- सूर्य के प्रकाश को पृथ्वी तक आने में 8 मिनट 1.66 सेकेण्ड लगते हैं।
सूर्य की संरचना
- प्रकाश मंडल सूर्य की दिखायी देने वालीदीप्तिमान सतह है प्रकाश मंडल के किनारे वाला भाग, जो दीप्तिमान नहीं होता है और लाल रंग का होता है वर्णमंडल कहलाता है।
- प्रभावमंडल सूर्य का वाह्यताम भाग है (जो केवल सूर्य ग्रहण के समय ही दिखता है)।
- कोरोना से एक्स किरणें उत्सर्जित होती रहती है और पूर्ण सूर्यग्रहण के समय पृथ्वी इसी कोरोना से प्रभावित होती है।
- जब सूर्य के किसी भाग का ताप अन्य भागों की तुलना में कम हो जाता है टो धब्बे के रूप में दीखता है, जिसे सौर कलंक कहते हैं। इस धब्बे का जीवनकाल कुछ घंटे से लेकर कुछ सप्ताह तक का होता है।कई दिनों तक सौर कलंक बने रहने के पश्चात रेडियो संचार में बाधा आती है।
सौरमंडल के ग्रह ( The Planet Of The Solar System )
सौरमंडल के ग्रह ( The Planet Of The Solar System )
बुध Mercury
1. सूर्य से निकटतम ग्रह।
2. सूर्य की परिक्रमा 87 दिन 23 घंटे।
3. बुध का एक दिन पृथ्वी के 90 दिनों के बराबर।
4. परिणाम में पृथ्वी का 18वां भाग।
5. बुध पर वायुमंडल का आभाव है।
शुक्र Venus
1. सूर्य से दूसरा ग्रह तथा पृथ्वी से सर्वाधिक नजदीक ग्रह है।
2. सबसे अधिक चमकीला ग्रह कहा जाता है। प्रातः कल यह पूर्व में और सायंकाल में पश्चिम की ओर दिखायी देता है।
3. सर्वाधिक लम्बे दिन व रात होते हैं।
4. आकर औए द्रव्यमान में पृथ्वी के बराबर और स्वरूप में समान होने के कारण इसे पृथ्वी की बहन भी कहा जाता है।
5. वायुमंडल का घनत्व पृथ्वी के वायुमंडल की अपेक्षा 15 गुना है।
चंद्रमा Moon
1. व्यास-पृथ्वी के व्यास का लगभग एक चौथाई (3776 किमी.)।
2. गुरुत्वाकर्षण बल- पृथ्वी का 1/6 भाग।
3. चंद्रमा के पृथ्वी के चरों ओर घुमने की अवधि 27 दिन, 7 घंटे, 43 मिनट।
4. चंद्रमा के प्रकाश की पृथ्वी तक पहुँचने में लगा समय 1.3 सेकेण्ड।
5. रासायनिक संघटक – मुख्यतः सिलिकन, लोहा और मैग्नीशियम।
6. चंद्रमा पर वायुमंडल का आभाव होने के कारण वहां ध्वनि सुनाई नहीं देती है।
7. चन्द्रमा का उच्चतम पर्वत लिबनिज पर्वत (35,000 फीट) है।
8. चन्द्रमा के भौतिक भूगोल का अध्ययन करने वाले विज्ञान को सैलेनोग्राफी कहते हैं।
9. चंद्रमा का 54% भाग ही पृथ्वी से देखा जा सकता है।
10. चन्द्रमा का वह भाग जो पृथ्वी से नहीं देखा जा सकता है। सी ऑफ़ ट्रैन्क्विलिटी कहलाता है।
11. चंद्रमा पर करीब 30,000 क्रेटर हैं। क्लैवियस (सबसे बड़ा). टायको, कपरनिकस ये क्रेटर उल्कापतीय तथा ज्वालामुखीय हैं।
12. चन्द्रमा सूर्य की भांति भूमध्य रेखा के सन्दर्भ में उत्तरायन व दक्षिणायन होता है। चन्द्रमा 290उ. से 280द. के बीच 29.9 दिनों में भ्रमण करता है, जिसे संयुति मास कहते हैं।
13. पूरे सौरमंडल में सामान्य उपग्रह से बहुत बड़ा। यह पृथ्वी के आकार का ¼ है। सामान्य उपग्रह अपने मूल ग्रह के आकर का 8वां भाग होते हैं।
14. चन्द्रमा की पृथ्वी से अधिकतम दूरी 40336 किमी. व न्यूनतम दूरी 354340.8 किमी. है।
15. चंद्रमा की आयु 460 करोड़ वर्ष है।
पृथ्वी या नीला ग्रह Earth or Blue Planet
1. आकर में पृथ्वी का स्थान 5वां है।
2. आकार और बनावट में पृथ्वी शुक्र ग्रह के समान है।
3. अन्तरिक्ष से देखने पर पृथ्वी का रंग पानी व वायुमंडल के कारण नीला दिखायी देता है।
4. पृथ्वी का एकमात्र उपग्रह चंद्रमा है।
मंगल या लाल ग्रह Mars or Red Planet
1. सूर्य से चौथा ग्रह सूर्य की परिक्रमा- 1 साल, 321 दिन तथा आकार में अंडाकार है।
2. रासायनिक संघटक- कार्बन डाइऑक्साइड 95%, नाइट्रोजन 2-3%, आर्गन 2%, कुछ मात्र में बर्फ, अमोनिया तथा मीथेन भी पाई जाती हैं।
3. मंगल का सबसे ऊँचा पर्वत ज्वालामुखी निक्स ओलम्पिया।
4. मंगल के दो उपग्रह- फोबोस तथा डेमोस हैं।
5. मंगल व वृहस्पति के बीच क्षुद्र ग्रह मिलते हैं।
वृहस्पति Jupiter
1. सूर्य से 5वां ग्रह, सूर्य की परिक्रमा 11 साल, 315 दिन तथा 1 घंटा।
2. सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह।
3. वृहस्पति ग्रह के 63 उपग्रह हैं, जिनमे गैनिमीड, कैलिस्टो, आयो यूरोपा आदि प्रमुख हैं। गैनिमीड सौरमंडल का सबसे बड़ा उपग्रह है।
4. वृहस्पति के लाल धब्बे की खोज पायनियर अंतरिक्ष अभियान द्वारा की गयी थी।
5. सबसे भारी ग्रह एवं इसका पलायन वेग सर्वाधिक (59.4 किमी. / सेकेण्ड) है।
ग्रहों से सम्बंधित महत्वपूर्ण तथ्य
सबसे बड़ा और महाकाय ग्रह
वृहस्पति
सर्वाधिक उपग्रह वाला ग्रह
वृहस्पति
सर्वाधिक औसत घनत्व वाला ग्रह
पृथ्वी
सबसे बलशाली चुम्बकीय क्षेत्र वाला ग्रह
वृहस्पति
सबसे धीमी गति से घूर्णन करने वाला ग्रह
शुक्र
कोई उपग्रह नहीं
बुध व शुक्र ग्रह के
सबसे तेज गति से परिक्रमा
बुध द्वारा
क्रांति वृत्त के सर्वाधिक समीप घूर्णन ध्रुव
यूरेनस (अरुण) का
सबसे ऊँचा पर्वत वाला ग्रह
मंगल
सबसे कम औसत घनत्व
शनि का
सबसे तेज गति से घूर्णन करने वाला ग्रह
बुध
सर्वाधिक वृत्तीय कक्षा
शुक्र
सर्वाधिक गर्म ग्रह
शुक्र
सर्वाधिक द्रव या सतही जल वाला ग्रह
पृथ्वी
सबसे लम्बा (संयुति) दिन
बुध पर
सबसे बड़े उपग्रह वाला ग्रह
वृहस्पति
उपग्रह युक्त सर्वाधिक कक्षा वाला ग्रह
वरुण (नेपच्यून)
ग्रहों से सम्बंधित मुख्य विशेषताएं
सर्वाधिक बड़ा
वृहस्पति
सर्वाधिक छोटा
बुध
सर्वाधिक गर्म तथा सूर्य के सर्वाधिक नजदीक
बुध
सर्वाधिक ठंडा तथा सर्वाधिक दूर
यम
सर्वाधिक चमकीला
शुक्र
सौर मंडल का सबसे बड़ा उपग्रह
गैनीमीड
वे ग्रह जिनके उपग्रहों की संख्या शून्य है
बुध व शुक्र
वह ग्रह जिसका केवल एक उपग्रह है
पृथ्वी
शुक्र और यूरेनस को छोड़कर सभी ग्रहों के घूर्णन और परिक्रमा की दिशा एक ही रहती है। शुक्र और यूरेनस अपने अक्ष पर पूर्व से पश्चिम की ओर घूर्णन करते हैं।
बुध और शुक्र
हीन या क्षुद्र ग्रह
बुध, शुक्र, पृथ्वी व् मंगल
आतंरिक ग्रह
वृहस्पति, शनि, यूरेनस व नेपच्यून
वाह्य ग्रह
ग्रह और उनके उपग्रह
ग्रह उपग्रह
मंगल
फोबोस, डीमोस
पृथ्वी
चंद्रमा
वृहस्पति
गैनीमीड, यूरोपा, आयो, कैलिस्टो, मेटिस, थेबे
अरुण
मिरांडा,जूलियट
नेपच्यून
ट्राइटन
शनि
टाइटन, टेथिस, एटलस, पण्डोरा
अन्य स्मरणीय बिंदु
Alpha Centuri
सबसे नजदीक का तारा
Ceres
पहला क्षुद्र ग्रह
Astronomical Unit
सूर्य और पृथ्वी के बीच की औसत दूरी
Canopus
दूसरा सबसे चमकीला तारा
Ozone Triatomic Oxygen-
O3 ओजोन
Perigee
पृथ्वी का चंद्रमा से सबसे नजदीकी बिंदु
Apogee
पृथ्वी का चन्द्रमा से सबसे दूरस्थ बिंदु
Aphelion
सूर्य का सबसे नजदीकी बिंदु
Cirus
आकाश में सबसे चमकीला तारा
शनि Saturn
1. आकाश में सौरमंडल का दूसरा सबसे बड़ा ग्रह।
2. टाइटन - कैसिनी ह्यूजेन्स मिशन – टाइटन उपग्रह से सम्बंधित खोज।
3. शनि की सबसे बड़ी विशेषता – इसके चतुर्दिक वलय, जिनकी अब तक कुल ज्ञात संख्या 10 है।
4. रासायनिक संघटक – मुख्यतः हाइड्रोजन और हीलियम गैस, कुछ मात्र में मीथेन और अमोनिया।
5. शनि के उपग्रह – 31
6. टाइटन शनि का सबसे बड़ा उपग्रह है, जो बुध के बराबर है। टाइटन पर नाइट्रोजनीय वातावरण और हाइड्रोकार्बन मिले हैं।
7. शनि के अन्य मुख्य उपग्रहों के नाम- मीमांस, एनसीलग्डू, टेथिस, रीया और फोवे आदि हैं।
8. सबसे कम घनत्व वाला ग्रह (0.7) है।
9. फोवे शनि की कक्षा के विपरीत परिक्रमा करता है।
10. शनि आँखों से देखा जाने वाला अंतिम ग्रह है।
अरुण Uranus
1. सूर्य से सातवां ग्रह।
2. आकार में तीसरा ग्रह तापमान 215 डिग्री सेल्सियस।
3. खोज 1781 ई. में सर विलियम हर्शेल द्वारा।
4. सूर्य की परिक्रमा करने में लगा समय 84 वर्ष, 6 दिन, 3 घंटे।
वरुण Neptune
1. सूर्य से 8वां ग्रह।
2. आकाश में सौरमंडल में चौथा सबसे बड़ा ग्रह।
3. इस ग्रह के चरों तरफ 5 वलय हैं।
4. कुल उपग्रह 11 हैं।
5. पहला उपग्रह ट्रिटोन है, दूसरा नेरिड है, अन्य उपग्रह N-1, N-2, N-3, N-4, N-5 आदि हैं।
खागोलीय पिंडों का नया वर्गीकरण The New Classification of Celestial Bodies
1. 24 अगस्त, 2006 को चेक गणराज्य के प्राग शहर में अंतर्राष्ट्रीय खालोगीय संघ (IAU) के 75 देशों के भूगोलवेत्ताओं ने भाग लिया, जिसमे ग्रहों की निम्नलिखित श्रेणियां बनायी गयीं।
2. पारंपरिक ग्रह – बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, वृहस्पति, शनि यूरेनस नेपच्यून।
3. प्लूटोंस – सेरिस व् ईरिस (जेना) जो नेपच्यून ग्रह से आगे लगभग वर्तमान सौरमंडल की सीमा से बाहर।
4. स्माल, सोकर सिस्टम बॉडीज – मंगल ग्रह व वृहस्पति की कक्षा के बीच बड़ी संख्या में उपग्रह एवं आकाशीय पिंड।
पृथ्वी की घूर्णन गति एवं परिक्रमा ( Earth's Rotation Speed and Revolution )
पृथ्वी की घूर्णन गति एवं परिक्रमा ( Earth's Rotation Speed and Revolution )
घूर्णन
- पृथ्वी एक कतिपय धुरी पर सदैव पश्चिम से पूर्व को घूमती रहती है। पृथ्वी की इसी गति को घूर्णन अथवा आवर्तन गति कहा जाता है। पृथ्वी अपनी गति पर जब एक पूरा चक्कर लगा लेती है तोएक दिन होता है। इसी से इस गति को दैनिक गति भी कहते हैं।
- पृथ्वी जिस धुरी अथवा अक्ष पर घूमती है, वह काल्पनिक रेखा है, जो पृथ्वी के केंद्र से होकर उसके उत्तरी और दक्षिणी ध्रुवों को मिलाती है। पृथ्वी का यह अक्ष अपने कक्ष के तल के साथ 66 डिग्री अंश का कों बनाता है। पृथ्वी का यह अक्ष सदैव एक ओर ही झुका रहता है।
- एक मध्यान्ह रेखा के ऊपर किसी निश्चितनक्षत्र के उत्तरोत्तर के बाद गुजरने के बीच की पृथ्वी का अक्ष सदैव एक ही ओर झुका रहता है। एक नक्षत्र दिवस की लम्बाई 23 घंटे, 56 मिनट, और 4.09 सेकेण्ड होती है।
- एक दिन की अवधि की गणना जब किसी निश्चित मध्यान्ह रेखा के ऊपर मध्यान्ह सूर्य के उत्तरोतर दो बार गुजरने के बीच लगने वाले समय के आधार पर की जाती है, तो वह सौर दिवस कहलाता है। सौर दिवस की औसत लम्बाई 24 घंटे की होती है। सौर दिवस नक्षत्र दिवस से 3 मिनट और 56 सेकेण्ड अधिक बड़ा होता है।
- इनका द्रव्यमान इतना हो कि वे बाहरी ग्रहों के प्रभाव से बचने हेतु अपने गुरुत्वाकर्षण के कारण लगभग गोल आकार के हों।
- वे अन्य ग्रहों की कक्षा का अतिक्रमण नहीं करते हैं। प्लूटो की कक्षा अन्य ग्रहों की तुलना में झुकी है तथा अरुण की कक्षा का अतिक्रमण करती है।
पृथ्वी और सौरमंडल से सम्बंधित कुछ परिभाषाएं
- दैनिक गति- पृथ्वी द्वारा अपनी धुरी पर लगाया गया एक चक्कर जो एक दिन होता है।
- वार्षिक गति- पृथ्वी द्वारा अपनी कक्षा में सूर्य की ओर लगाया गया एक चक्कर जिसमे उसे 365¼ दिन लगते हैं।
- नक्षत्र दिवस- एक मध्यान्ह रेखा के ऊपर किसी निश्चित रेखा के उत्तरोत्तर दो बार गुजरने के बीच की अवधि।
- सौर दिवस- किसी निश्चितमध्यान्ह रेखा के ऊपरमध्यान्ह सूर्य के उत्तरोत्तर दो बार गुजरने के बीच की अवधि।
- उपसौर- पृथ्वी द्वारा अपनी अंडाकार कक्षा में सूर्य की परिक्रमा अवधि के क्रम में सूर्य से सबसे अधिक दूरी की स्थिति जो 4 जुलाई को होती है।
- कर्क संक्रांति- पृथ्वी द्वारा सूर्य के क्रम में 22 दिसम्बर की स्थिति जब सूर्य मकर रेखा पर लम्बवत चमकता है।
- विषुव- 21 मार्च और 23 सितम्बर की स्थितियां जब सूर्य भूमध्य रेखा पर लम्बवत चमकता है, जिसके कारण दोनों गोलार्द्धों में सर्वत्र दिन-रात बराबर होते हैं। 21 मार्च वाली स्थिति को बसंत विषुव और 23 सितम्बर वाली स्थिति को शरद विषुव की अवस्था कहा जाता है।
- सिजगी- सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी की एक रेखीय स्थिति।
- वियुति- सूर्य और पृथ्वी के बीच चंद्रमा की स्थिति, जिसके कारण चन्द्र ग्रहण होता है।
- युति- सूर्य और पृथ्वी के बीच चंद्रमा की स्थिति, जिसके कारण सूर्य ग्रहण होता है।
- पृथ्वी के घूर्णन के कारण पृथ्वी का प्रत्येक भाग बारी-बारी से सूर्य के सम्मुख आता रहता है, अतः सूर्य के सम्मुख वाले भाग में दिन और पीछे वाले भाग में रात्रि होती है, इस प्रकार दिन-रात का क्रम पृथ्वी की घूर्णन गति का परिणाम है।
- इस प्रकार पृथ्वी की घूर्णन गति के कारण 24 घंटे की अवधि वाला दिन अस्तित्व में आता है।
- घूर्णन के अक्ष के अधर पर ही अक्षांश एवं देशांतर का निर्धारण किया जाता है।
- इस कारण पृथ्वी पर भौतिक और जैविक दोनों क्रिया प्रभावित होती है।
- कोरिऑलिस बल की उत्पत्ति होती है, जिसके कारण उत्तरी गोलार्द्ध में जल एवं पवनें अपनी दायीं ओर तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में अपने बायीं ओर मुड़ जाते हैं।
- महासागरों में ज्वार-भाटा आता है।
परिक्रमा
- पृथ्वी किम परिक्रमा का मार्ग अंडाकार है। अतः पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी वर्ष भर एक सी नहीं रहती। जनवरी में यह सूर्य के सबसे निकट होती है। इस समय पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी ४७० लाख किमी. होती है। पृथ्वी की इस स्थिति को उपसौर कहते हैं। जुलाई में पृथ्वी सूर्य से अपेक्षाकृत अधिक दूर होती है। इस समय सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी 520 लाख किमी. रहती है। अतः पृथ्वी की यह स्थिति अपसौर कहलाती है। अपसौर की स्थिति 4 जुलाई को होती है। पृथ्वी की परिक्रमण गति के निम्न प्रभाव देखे जा सकते हैं-
1. सूर्य की किरणों का सीधा और तिरछा चमकना
2. वर्ष की अवधि का निर्धारण
3. कर्क और मकर रेखाओं का निर्धारण
4. ध्रुवों पर 6-6 माह के दिन और रात
5. धरातल पर ताप वितरण में भिन्नता
6. जलवायु कतिबंधों का निर्धारण
7. दिन-रात का छोटा बड़ा होना
ऋतु परिवर्तन
- भूमध्य रेखा पर ही सदैव दिन-रात बराबर होते हैं, क्योंकि भूमध्य रेखा को प्रकाश-वृत्त हमेशा दो बराबर भागों में बांटता है, परन्तु चूँकि पृथ्वी अपने अक्ष पर 23½° झुकी होती है और सदा एक ओर ही झुकी रहती है, इसलिए भूमध्य रेखा के अतिरिक्त उत्तरी व दक्षिणी गोलार्द्ध की सभी अक्षांश रेखाओं को प्रकाश वृत्त दो बराबर भागों में बांटकर भिन्न-भिन्न ऋतुओं में असमान रूप से विभक्त करता है। परिणामस्वरूप भूमध्यरेखा के अतिरिक्त शेष भागों में दिन-रात की अवधि समान नहीं होती है।
- उपर्युक्त विवरण के अधर पर दिन रात के छोटे बड़े होने के संक्षेप में निम्न कारण है-
1. पृथ्वी की वार्षिक गति का होना।
2. पृथ्वी का अक्ष का तल सदा 66½° झुके होना।
3. पृथ्वी के अक्ष का सदा एक ही ओर झुके रहना।
4.पृथ्वी के परिक्रमण में 4 मुख्य अवस्थाएं आती हैं तथा इन चारों अवस्थाओं में ऋतु परिवर्तन होता है।
- पृथ्वी का अक्ष इसके कक्षा तल पर बने लम्ब से 23½° का कों बनाता है।
- जब सूर्य कर्क रेखा से लम्बवत चमकता है। इस समय उत्तरी गोलार्द्ध में सूर्य की सबसे अधिक ऊंचाई होती है, जिससे यहाँ दिन बड़े और रातें छोटी होती हैं। इसलिए उत्तरी गोलार्द्ध में ग्रीष्म ऋतु होती है, यह स्थिति 21 जून को घटित है तथा इस स्थिति को कर्क संक्रांति या ग्रीष्म अयनांत कहते हैं।
- 22 दिसम्बर की स्थिति में दक्षिणी ध्रुव सूर्य के सम्मुख होता है और सूर्य मकर रेखा पर चमकता है, जिससे यहाँ ग्रीष्म ऋतु होती है। इस स्थिति को मकर संक्रांति या शीत अयनांत कहा जाता है। इस समय सूर्य उत्तरी गोलार्द्ध में तिरछा चमकता है, जिससे दिन छोटे व रातें बड़ी होती हैं और गर्मी कम होने से जाड़े की ऋतु होती है।
- 21 मार्च और 23 सितम्बर की स्थितियों में सूर्य भूमध्य रेखा पर चमकता है\ इस समय समस्त अक्षांश रेखाओं का आधा भाग प्रकाश में रहता है, जिससे सर्वत्र दिन रात बराबर होते हैं। दोनों गोलार्द्धों में दिन रात और ऋतु की समानता रहने से इन दोनों स्थितियों को विषुव अथवा समरात दिन कहा जाता है। 21 मार्च वाली वसंत स्थिति को शरद विषुव अवस्था कहा जाता है।
इस प्रकार ऋतु परिवर्तन के भिन्न कारण हैं-
1. पृथ्वी के अक्ष का झुकाव
2. पृथ्वी के अक्ष का सदैव एक ही ओर झुके रहना
3. पृथ्वी की परिक्रमण या वार्षिक गति होना
4. इन तीनों के परिणामस्वरूप दिन-रात का छोटा बड़ा होते रहना
चन्द्र कलाएं
- बढ़ता हुआ चाँद- शुक्लपक्ष
- घटता हुआ चाँद- कृष्णपक्ष
- सूर्य, चन्द्रमा एवं पृथ्वी की एक रेखीय स्थिति सिजगी कहलाती है, जो 2 तरह से होती है-
1. सूर्य – चंद्रमा – पृथ्वी - युति
2. सूर्य – पृथ्वी – चंद्रमा – वियुति
भारत का पूर्वी घाट पर्वतीय क्षेत्र
भारत का पूर्वी घाट पर्वतीय क्षेत्र
पूर्वी घाट भारत में ओडिशा से लेकर तमिलनाडु तक विस्तृत पर्वतीय क्षेत्र है, जोकि वर्तमान में बड़ी-बड़ी नदियों द्वारा विच्छेदित होकर एक असतत श्रंखला के रूप में बदल गया है| पश्चिमी घाट की तुलना में पूर्वी घाट का अपरदन अधिक हुआ है| चेन्नई के दक्षिण-पश्चिम में शेवरोय व पालनी पहाड़ियों के रूप में पूर्वी घाट पश्चिमी घाट से मिल जाता है|
पालिकोंडा, नल्लामला, वेलिकोंडा, पालनी, शेवरोय, जावादी आदि पूर्वी घाट की प्रमुख पहाड़ियाँ हैं| पूर्वी घाट के मध्य भाग में दो समानान्तर पहाड़ियाँ पायी जाती हैं, जिनमें से पूर्वी पहाड़ियों को वेलिकोंडा श्रेणी और पश्चिमी पहाड़ियों को पालिकोंडा-लंकामल्ला-नल्लामला श्रेणी कहा जाता है|भारत के सबसे बड़े बाघ रिजर्वों में से एक, नागार्जुन सागर-श्रीसैलम बाघ रिजर्व, पूर्वी घाट की नल्लामला पहाड़ियों में ही स्थित है| कारांठामलाई (Karanthamalai) पूर्वी घाट के दक्षिणी भाग में स्थित है और सिरुमलाइ (Sirumalai) पहाड़ियाँ भी दक्षिणी तमिलनाडु में स्थित हैं|
गोदावरी, कृष्णा, कावेरी, महानदी, पालार, पेन्नेरु आदि नदियां पूर्वी घाट के आर-पार बहती हुई पूर्वी तटीय मैदान के सहारे अवसादों का निक्षेपण कर बंगाल की खाड़ी में जाकर मिल जाती हैं| इन नदियों के कारण पूर्वी घाट बीच-बीच में से कट गया है और पश्चिमी घाट के विपरीत एक असतत श्रंखला में बदल गया है| इसकी ऊंचाई भी पश्चिमी घाट की तुलना में कम है|
Featured post
करेंट अफेयर्स साप्ताहिक एक पंक्ति:
करेंट अफेयर्स साप्ताहिक एक पंक्ति: • भारत और जिस देश के विदेश कार्यालयों के बीच 16वें दौर की बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित ...
-
क्षेत्रमिति (Mensuration) फार्मूला और ट्रिक आयत (Rectangle) क्षेत्रफल = लम्बाई × चौड़ाई परिमिति = 2 (लम्बाई + चौड़ाई) विकर्ण = वर्ग ...
-
Indian Airways At A Glance First in Airways: First commercial civil aviation flight took place between Allahabad and Naini in 1911 – 6 mil...
-
भारतीय संविधान महत्वपूर्ण जानकारी 1 > आइवर जेनिंग्स ने भारतीय संविधान को उधार का थैला एवं वकीलों का स्वर्ग कहा है। -> 15,16,19,29,30...