Sunday, 30 September 2018

जीवविज्ञान - जीवधारियों के वर्गीकरण पर आधारित नोट्स

जीवविज्ञान - जीवधारियों के वर्गीकरण पर आधारित नोट्स

जीवधारियों का वर्गीकरण:

वर्गीकरण का अर्थ जीवधारियों को विभिन्‍न समूहों में बाँटना है।18 वीं शताब्‍दी में लीनियस ने अपनी पुस्‍तक “सिस्‍टम अ नेचर” में जीवधारियों को दो जगत में बांटा – पादप जगत और जन्‍तु जगत।आधुनिक वर्गीकरण प्रणाली का आधार लीनियस द्वारा शुरु की गई वर्गीकरण प्रणाली है। इसलिये लीनियस को ‘वर्गीकरण का पिता’ कहते हैं।जीवाणुओं, विषाणुओं, कवकों और यूग्‍लीना जैसे जन्‍तुओं की विवादित स्थिति के कारण, वर्गीकरण प्रणाली पर पुर्नविचार किये जाने की आवश्‍यकता है।कैरोलस लीनियस द्वारा द्विजगत वर्गीकरण प्रणाली दी गई थी, जिसमें जीवों को पादप और जन्‍तुओं में वर्गीकृत किया है।अर्नस्‍ट हेकल ने जीवों को तीन जगत में वर्गीकृत किया था; जैसे पादप, प्रोटिस्‍टा और जन्‍तु आदि।कोपलैण्‍ड ने चार जगत वर्गीकरण प्रणाली प्रतिपादित की - मोनेरा, प्रोटिस्‍टा, पादप और जन्‍तु आदि।आर. एच. विह्टकर ने जीवधारियों के वर्गीकरण को पाँच जगत में बाँटा।सी वूस, ओ. कैण्‍डलर और एम. सी. व्‍हील्‍स ने जीवों की आधुनिक छह: जगत प्रणाली में वर्गीकृत किया है।

पाँच जगत वर्गीकरण:

आर. एच. विह्टकर ने वर्ष 1969 में जीवों की पाँच जगत वर्गीकरण प्रणाली प्रस्‍तावित की।जीवों को पाँच जगत में बाँटने का आधार उनकी कोशिका संरचना की जटिलता, शारिरिक बनावट की जटिलता, पोषण प्रकार, जीवनशैली और वंशावली संबंध है।वर्गीकरण निम्‍न प्रकार है:मोनेरा: इसमें सभी प्रोकैरियोटिक जीव जैसे जीवाणु, सायनोबै‍क्‍टीरिया और आर्कीबैक्‍टीरिया, मायकोप्‍लाजमा, एक्टिनोमिसीट और रिकेटीसिया आदि हैं। तंतुमय जीवाणु भी इसमें शामिल किये जाते हैं। इस जगत के सभी जीव सूक्ष्‍म होते हैं।प्रोटिस्‍टा: इस जगत में मुख्‍यत: जलीय वास में रहने वाले एककोशिकीय जीव शामिल किये जाते हैं। पोषण माध्‍यम के आधार पर ये स्‍वपोषी, परपोषी और सैप्रोफिटिक प्रकृति के होते हैं। डायटम फ्लैगलेट्स और प्रोटोजोआ इस जगत के अंतर्गत आते हैं। यूग्‍लीना में स्‍वपोषित और परपोषित दोनों माध्‍यमों से पोषण पाया जाता है। इसलिये इसको पादप और जन्‍तु के मध्‍य रखा गया है।कवक: कवक वे विशेष जीव हैं जिनमें कोशिका भि‍त्ती काइटिन की बनी होती है और पोषण परपोषित प्रकृति का होता है। इनका शरीर तंतुओं का बना होता है जिन्‍हें हाइफे कहते हैं, जोकि एक जालनुमा संरचना बनाती है जिसे माइसीलियम कहते हैं। इनमें विखंडन के द्वारा जनन होता है। उदाहरण: मशरूम, म्‍यूकर, एलब्‍यूगो आदि।पादप: पादप जगत में क्‍लोरिफिल युक्‍त यूकैरियोटिक जीव शामिल किये जाते हैं। लेकिन कुछ पौधे कीटभक्षी और परपोषी प्रकृति के होते हैं। पौधों का मुख्‍य गुण सेल्‍यूलोज की बनी कोशिका भित्ती का पाया जाना है।जन्‍तु: जन्‍तु परपोषित एवं अंगों व ऊतकों वाले बहुकोशिकीय जीव होते हैं। लगभग प्रत्‍येक जन्‍तु को इस वर्ग में शामिल किया गया है।

जीव वैज्ञानिक नामकरण:

इसकी शुरुआत लीनियस ने अपनी पुस्‍तक “स्‍पेशीज पैन्‍टारम” से की थी।प्रत्‍येक जीव के वैज्ञानिक नाम के दो भाग होते हैं - वंश नाम और जाति नामवंश नाम विशेष अक्षर से शुरु होता है जबकि जाति नाम अंग्रेजी के छोटे अक्षर से शुरु होता है।

मनुष्‍य

होमो सेपियन्‍स

मेंढक

राना टिग्रिना

बिल्‍ली

फेलिस डोमेस्टिका

कुत्‍ता

कैनिस फैमलियरिस

गाय

बॉस इण्डिकस

मक्‍खी

मस्‍का डोमेस्टिका

आम

मैग्‍नीफेरा इण्डिका

चावल

ओरिजा सेटिवा

गेंहू

ट्रिटिकम एसेटिवम

मटर

पिस्‍कम सैटिवम

चना

सिसर अरीटिनम

 

ब्रैसिका कैम्‍पसट्रिस

पादप विज्ञान

विभिन्‍न प्रकार के पेड़-पौधों का अध्‍ययन पादप विज्ञान कहलाता है।थियोफ्रेस्‍टस को पादप विज्ञान का जनक माना जाता है।

एक्‍लर ने पादपों का निम्‍नलिखित वर्गीकरण किया:-

पादप जगत को मुख्‍यत: दो भागों में बांटा गया है जिसे बाद में विभिन्‍न भागों में बांटा गया है

अपुष्‍पोदभिद वर्गपुष्‍पोदभिद वर्ग

A. अपुष्‍पोदभिद वर्ग

इस वर्ग के पौधों में पुष्‍प और बीज का अभाव होता है। इन्‍हें पुन: निम्‍न समूहों में बांटा गया है:

थैलोफाइटा:यह वनस्‍पति जगत का सबसे बड़ा समूह है।इस समूह के पौधों का शरीर सूकाय सदृश्‍य होता है अर्थात् जड़, तना या पत्‍ती का अभाव होता है, ये थैलोफाइटा कहलाते हैं।इनमें संवहन ऊतक का अभाव होता है।

शैवाल

प्राय: जलीय होते हैं।ये स्‍वपोषी, पर्णहरित युक्‍त सूकाय पौधे हैं।इनमें जनन क्रिया वनस्‍पतिक एवं यौन माध्‍यम से होती है।शैवालों का काफी मात्रा मे उगने को शैवाल आधिक्‍य कहते हैं और जब यह आधिक्‍य लाल शैवाल के कारण हो तो उसे लाल ज्‍वार कहते हैं।लाल शैवाल को रेडोफेसी कहते हैं।हरे शैवाल को क्‍लोरोफेसी कहते हैं।भूरे शैवाल को फैओफेसी कहते हैं।

उपयोगी शैवाल:

भोजन के रूप में: पोरिफेरा, सारगासन, लेमनेरिया, नॉस्‍टॉक इत्‍यादि।आयो‍डीन बनाने में: लेमिनेरिया और मैक्रोसाइटिस इत्‍यादि।जैव-ऊवर्रक बनाने में: नॉस्‍टॉक, एनाबिना, केल्‍प इत्‍यादि।प्रतिजैविक रूप में: कालरा के उपचार में क्‍लोरेलिन प्रतिजैविक बनाने मेंअंतरिक्ष यात्रियों के लिये ऑक्‍सीजन निर्माण में: क्‍लोरेला और साइनक्‍कोकस

कवक:

कवकों के अध्‍ययन को कवक विज्ञान (माइकोलॉजी) कहते हैं।कवकों में पर्णहरित का अभाव होता है।कवकों में संग्रहित भोजन ग्‍लाइकोजन के रूप में उपस्थित होता है।कवकों की कोशिका भि‍त्‍ती काइटिन की बनी होती है।

ब्रायोफाइटा:ब्रायोफाइटा वह पादप वर्ग है जिसमें काई (मॉस) उपस्थित होती है।इस भाग के पौधों में अपरिपक्‍व तनें व पत्तियाँ होती हैं, लेकिन जड़ों का अभाव होता है।शुष्‍क एवं नमी वाले स्‍थानों पर पाये जाने के कारण इसे पादप जगत का उभयचर वर्ग भी कहा जाता है।ब्रायोफाइटा में जाइलम और फ्लोएम ऊतकों का अभाव होता है।स्‍फेगनम नाम की काई अपने वजन से 18 गुना अधिक जल अवशोषित करने की क्षमता रखती है। इसलिये माली लोग इसका प्रयोग पौधों को एक स्‍थान से दूसरे तक ले जाने में सूखने से बचाने के लिये करते हैं।स्‍फेगनम काई का ईंधन के तौर पर भी प्रयोग होता है।स्‍फेगनम काई का प्रतिजैविक के तौर पर भी उपयोग होता है।टेरिडोफाइटा:टेरिडोफाइटा में फर्न शामिल किये गये हैं।फर्न वे पौधें हैं जिनमें पत्‍ती, जड़ें व तना होता है, लेकिन उनमें अन्‍य पौधों के समान पुष्‍प नहीं उगते हैं।फर्म में विशेष प्रकार का तना होता है जिसे राइजोम कहते हैं, जो कि भूमि या उसके नीचे सतह के साथ साथ वृद्धि करता है।जनन स्‍पीरॉन्जिया के अंदर विकसित बीजाणुओं द्वारा होता है।
उदाहरण: फर्न, अजोला, टेरिडियम, लायकोपोडियम इत्‍यादि।

B. पुष्‍पोदभिद या पुष्‍पीय पौधे

इस समूह के पौधे पूर्ण विकसित होते हैं। इस समूह के सभी पौधों में फूल, फल और बीज होते हैं। इस समूह के पौधों को पुन: दो भागों में वर्गीकृत किया जा सकता है:

नग्‍नबीजी. नग्‍नबीजी वे पौधे हैं जिनमें बीजाण्‍ड आवरण रहित होता है।इस समूह के पौधे काष्‍ठीय, बहुवर्धी और लम्‍बे होते हैं।इनकी मूसला जड़ें पूर्ण विकसित होती हैं।परागण की क्रिया वायु द्वारा होती है।इसमें वनस्‍पति जगत का सबसे लम्‍बा पेड़ (रेडवुड ट्री सिकोया ऑफ कैलीफोर्निया) शामिल होता है।सबसे छोटा पौधा जैमिया पिग्मिया है।जीवित जीवाश्‍म साइकस, जिंगो बाइलोबा और मेटासिकोया है।जिंगो बाइलोवा को मेडन हेयर ट्री भी कहते हैं।साइकस के बीजाण्‍ड एवं नरयुग्‍मक पादप जगत में सबसे बड़े होते हैं।पाइनस के परागकण इतनी अधिक संख्‍या में होते हैं कि पीले बादल (सल्‍फर शॉवर) बन जाते हैं।
आवृतबीजीआवृतबीजी पौधों की सबसे बड़ी विशेषता इनमें फूलों का पाया जाना है।आवृतबीजी पौधों की दूसरी प्रमुख विशेषता फल है।इस समूह में सूक्ष्‍मतम पादप वोल्फिया से लेकर बड़े पेड़ यूकेल्पिटस तक शामिल हैं।बीजपत्रों की संख्‍या के आधार पर आवृतबीजीयों को पुन: द्विबीजपत्री व एकबीजपत्री में बांटा गया है।द्विबीजपत्री में दो बीजपत्र और एकबीजपत्री में एकबीजपत्र पाया जाता है।

 

 

 

 

Saturday, 29 September 2018

आधार कार्ड की अनिवार्यता पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला

आधार कार्ड की अनिवार्यता पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला

आधार की अनिवार्यता (Aadhaar verdict) को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने (Supreme Court) अहम फैसला सुना दिया. सुप्रीम कोर्ट ने आधार की संवैधानिक वैधता को कुछ बदलावों के साथ बरकरार रखा.

आधार की संवैधानिकता (Aadhaar constitutional validity) को चुनौती देने वाली कुछ याचिकाओं पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने अपना महत्वपूर्ण फैसला सुनाया और कहा कि आधार को अब से बैंक खातों से लिंक करना अनिवार्य नहीं होगा. साथ ही कोर्ट ने कहा मोबाइल कंपनियां भी अब आधार नहीं मांग सकती हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने बहुमत का फैसला पढ़ते हुए यह माना कि आधार आम आदमी की पहचान है.

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के नेतृत्व में पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने 38 दिनों तक चली लंबी सुनवाई के बाद 10 मई को मामले पर फैसला सुरक्षित रख लिया था. मामले में उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश के एस पुत्तास्वामी की याचिका सहित कुल 31 याचिकाएं दायर की गयी थीं.

सुप्रीम कोर्ट ने किन-किन चीजों के लिए आधार को अनिवार्य नहीं माना:

1. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अब से स्कूलों में आधार जरूरी नहीं होगा. 

2. अब बैंक खातों से आधार को लिंक करना जरूरी नहीं. बैंक खाते से आधार को लिंक करने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया. 

3. सुप्रीम कोर्ट ने अपने अहम फैसले में कहा कि मोबाइल के लिए आधार जरूरी नहीं. 

4. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोई मोबाइल और निजी कंपनी आधार नहीं मांग सकती.

5. UGC, NEET तथा CBSE परीक्षाओं के लिए आधार अनिवार्य नहीं होगा.

इन -इन जगहों पर आधार होगा जरूरी:

1. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आधार और पैन को जोड़ना जरूरी होगा. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आधार से पैन कार्ड को जोड़ने का फैसला बरकरार रहेगा. 

2. सरकार की कल्याणकारी योजनाओं में आधार जरूरी होगा. 

3. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सुरक्षा मामलों में एजेंसियां मांग सकती है आधार

फैसले से जुड़ी 10 खास बातें:

1. सुप्रीम कोर्ट में सरकार का पक्ष रखने वाले महाधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि "इस फैसले का असर बहुत दूर तक होगा, क्योंकि आधार बहुत-सी सब्सिडी से जुड़ा है.

2. मुकुल रोहतगी ने कहा कि आधार लूट और बरबादी को रोकने में भी कारगर है, जो होती रही हैं. डेटा की सुरक्षा बेहद अहम है, और सरकार यह स्पष्ट कर चुकी है कि वह डेटा की सुरक्षा करेगी. इस सिलसिले में कानून भी लाया जा रहा है..."

3. इसके बाद कोर्ट ने फैसला सुनना शुरू किया. कहा कि आधार से समाज के बिना पढ़े-लिखे लोगों को पहचान मिली है और आधार का डुप्लीकेट बनाना संभव नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यूनिक का मतलब सिर्फ एक से है.

4. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह माना कि आधार आम आदमी की पहचान है और कहा कि आधार की वजह से निजता हनन के सबूत नहीं मिले हैं. सुप्रीम कोर्ट ने आधार की अनिवार्यता पर फैसला सुनाते हुए आधार की संवैधानिकता कुछ बदलावों के साथ बरकरार रखा.

5. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आधार के बायोमीट्रिक डेटा की नकल नहीं की जा सकती. साथ ही कोई प्राइवेट पार्टी भी डेटा नहीं देख सकती है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आधार का ऑथेंटिकेशन डाटा सिर्फ 6 महीने तक ही रखा जा सकता है.

6. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यूजीसी, सीबीएसई और निफ्ट जैसी संस्थाएं आधार नहीं मांग सकती हैं. साथ ही स्कूल भी आधार नहीं मांग सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अवैध प्रवासियों को आधार न दिया जाए.

7. कोर्ट ने कहा कि मोबाइल और निजी कंपनी आधार नहीं मांग सकती हैं. कोर्ट ने आधार को मोबाइल से लिंक करने का फैसला भी रद्द कर दिया .कोर्ट ने आधार को बैंक खाते से लिंक करने के फैसले को भी रद्द कर दिया.

8. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आधार से पैन कार्ड को जोड़ने का फैसला बरकरार रहेगा. जस्टिस सीकरी ने कहा, किसी भी बच्चे को आधार नंबर नहीं होने के कारण लाभ/सुविधाओं से वंचित नहीं किया जा सकता है.

9. सुप्रीम कोर्ट ने आधार अधिनियम की धारा 57 हटा दी. दूसरी तरफ अब कोर्ट की अनुमति के बिना आधार का बायोमेट्रिक डेटा किसी एजेंसी को नहीं दिया जाएगा. कोर्ट ने कहा कि सुरक्षा मामलों में एजेंसियां आधार मांग सकती हैं. 

10. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आधार को रेगुलर बिल की तरह पारित किया जा सकता है. 2016 में इसे मनी बिल के तौर पर पारित किया गया था.

 

 

 

 

Saturday, 18 August 2018

"अटल बिहारी वाजपेयी" के बारे में रोचक तथ्य

जैसा की आप सब जानते है, अगर हमें किसी को समकालीन “भारतीय राजनीति का ग्रैंड ओल्ड मैन’ पद से सम्मानित करना हो तो पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सबकी पसंद होंगे। अटल जी को भारतीय राजनीति के ‘भीष्म पितामह’ के रूप में भी जाना जाता है। अटल जी के आचरण और व्यक्तित्व ने न केवल समस्त देशवासियों का, बल्कि विपक्षी दलों का भी दिल जीता। अटल जी के जीवन की है यह कुछ प्रमुख बतातें जो शायद आप जानते नहीं होंगे




महात्मा गांधी के प्रबल अनुयायी होने के नाते अटल जी और उनके बड़े भाई ने भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया और यहाँ तक कि उन्हें 23 दिनों की अवधि के लिए जेल भी भेजा गया था। यही एक घटना थी जिसके माध्यम से अटल जी ने भारतीय राजनीति के पटल पर अपना कदम रखा था। उस समय वह केवल अठारह साल के थे।

हमेशा से एक अच्छे वक्ता रहते हुए, अटल जी ने अपने वक्तृत्व कौशल से जवाहरलाल नेहरू को काफी प्रभावित किया था। यहाँ तक कि नेहरू ने भविष्यवाणी करते हुए कह दिया था कि एक दिन अटल जी भारत के प्रधानमंत्री होंगे।

अटल जी ने विवाह नहीं किया। उन्होंने अपना जीवन देश के भलाई के लिए एक जीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प कर लिया था।

अटल जी एक बेहद कुशल एक ओजस्वी एवं पटु वक्ता (ओरेटर) एवं सिद्ध हिन्दी कवि भी हैं। उनकी बहुत सी कविताएं है जिन्हे आप सुनकर हैरान रह जाएंगे की एक नेता होने के साथ इतना अच्छा कवि कैसे हो सकता है।

क्या आपको पता है कि अटल बिहारी वाजपेयी भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर एक बार या दो बार नहीं, बल्कि तीन बार नियुक्त हुए। पहली बार तब, जब 1996 में भाजपा लोकसभा के आम चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी। हालांकि, लोकसभा में बहुमत प्राप्त न कर पाने के कारण उन्होंने 13 दिनों के उपरांत 1996 में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

देश की सुरक्षा के लिए अटल जी ने परमाणु शक्ति सम्पन्न देशों की संभावित नाराजगी से बिना डरे उन्होंने अग्नि-दो और परमाणु परीक्षण कराया था। आपको बता दें की यह भारत की सुरक्षा को लेकर एक बहुत बड़ा कदम था।

1998 के लोकसभा चुनावों में अटल जी ने अन्य राजनीतिक दलों की मदद से बहुमत साबित किया। और एक बार फिर से वह प्रधानमंत्री नियुक्त किए गए। लेकिन इस सरकार का कार्यकाल मात्र 13 महीने की अवधि तक ही चला और एक बार फिर से 1999 में आम चुनाव हुए। इस बार वह भारत के 10वें प्रधानमंत्री बने और 5 साल की पूरी अवधि के लिए सरकार का गठन किया।

अब तक केवल वही ऐसे गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री रहे है, जिन्होंने 5 साल की पूर्ण अवधि के लिए सरकार गठित की।अब देखना होगा कि इस कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी क्या छाप छोड़ते है।

अटल बिहारी वाजपेयी 9 बार लोकसभा के लिए चुने गए। यही नहीं, वह दो बार राज्यसभा के लिए भी चुने गए थे। तमाम वजहों में यह भी एक वजह है कि उन्हें भारतीय राजनीति का भीष्म पितामह माना जाता है।

क्या आपको पता है कि अटल जी अब तक के मात्र एक ऐसे सांसद हैं, जिन्हें एक साथ चार अलग-अलग राज्यों से निर्वाचित किया गया था। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मध्य प्रदेश और गुजरात वे राज्य थे, जहाँ से उन्हें निर्वाचित किया गया था।

वाजपेयी भारत के ऐसे पहले प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री थे, जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र में हिंदी में भाषण दिया था। क्या अभी भी आपको उनके वक्तृत्व कौशल पर कोई संदेह है?

अपने बिगड़ते स्वास्थ्य के कारण पिछले दो दशकों में उन्हें 10 सर्जरी का सामना करना पड़ा है। वर्तमान में, महान वक्ता अटलजी पक्षाघात(लकवा) की वजह से बहुत कम बोलते हैं।

अटल बिहारी वाजपेयी ने राजनीति में अपना महान कैरियर महात्मा रामचंद्र वीर की ‘अमर कीर्ति विजय पताका’ को समर्पित कर दिया। उनके अनुसार इस कविता ने उनकी ज़िन्दगी बदल दी थी।

उनके जीवन से जुड़े कम ज्ञात तथ्यों में से एक यह है कि उन्होंने दो मासिक पत्रिकाओं राष्ट्र धर्म और पांचजन्य में संपादक के रूप में काम किया। इसके अलावा दो दैनिक समाचार पत्रों दैनिक स्वदेश और वीर अर्जुन का संपादन किया।

वैसे, यह वाजपेयी के बारे में एक और दिलचस्प बात है कि वह उन भाग्यशाली लोगों में से है, जिन्होंने अपनी शिक्षा अपने माता-पिता के साथ ग्रहण की। वाजपेयी ने अपने पिता के साथ कानपूर के प्रसिद्ध डीएवी कॉलेज से कानून की डिग्री ली। यह ज़ाहिर है कि जब उनके पिता ने वाजपेयी को दाखिला लेते हुए देखा तो, उनके पिता की भी बेहद रूचि बन गई और उन्होंने भी कानून पढ़ने की प्रबल इच्छा व्यक्त की।

Friday, 3 August 2018

3-8-2018

1. The Reserve Bank of India has hiked repo rate by 25 basis points to 6.50 per cent in its third bi-monthly monetary policy review. With this, Reverse repo rate has become 6.25 percent and bank rate is 6.75 percent. 

- भारतीय रिजर्व बैंक ने तीसरी द्वि-मासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर के 6.50 प्रतिशत किया। इसके साथ रिवर्स रेपो रेट अब 6.25 प्रतिशत और बैंक रेट 6.75 प्रतिशत हो गया है। 

2. India and Germany signed an agreement on financial and technical cooperation, with a focus on sustainable urban development and renewable energy. 

- भारत और जर्मनी ने वित्तीय और तकनीकी सहयोग को लेकर आज एक समझौते पर हस्ताक्षर किये जिसमें दीर्घकालिक शहरी विकास और अक्षय ऊर्जा पर जोर होगा। 

3. The Union Cabinet approved the purchase of 51% stake of Life Insurance Corporation of India in IDBI Bank. 

- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आईडीबीआई बैंक में भारतीय जीवन बीमा निगम के 51% हिस्सेदारी खरीद को मंजूरी दे दी। 

4. Deepak Parekh was re-appointed as a Non-Executive Director on the board of HDFC. 

- दीपक पारेख को पुनः एचडीएफसी के बोर्ड में गैर-कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया गया है। 

5. President Ram Nath Kovind awarded Manipur Governor Najma Heptulla (2013), Lok Sabha member Hukumdev Narayan Yadav (2014), Leader of Opposition in the Rajya Sabha Ghulam Nabi Azad (2015), TMC MP Dinesh Trivedi (2016) and BJD MP Bhartruhari Mahtab (2017) with the Outstanding Parliamentarian award. 

- राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने मणिपुर की राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला (2013), लोकसभा सदस्य हुकुमदेव नारायण यादव (2014), राज्य सभा में विपक्षी नेता गुलाम नबी आजाद (2015) , तृणमूल कांग्रेस सांसद दिनेश त्रिवेदी (2016) और बीजद सांसद भृतुहरि महताब (2017) को उत्कृष्ट सांसद पुरस्कार से सम्मानित किया। 

6. The first India-Indonesia Interfaith Dialogue will be held in October 2018 in Yogyakarta. 

- भारत-इंडोनेशिया के बीच पहली अंतरधार्मिक वार्ता अक्तूबर 2018 में याग्याकार्टा में होगी। 

7. Payments solution provider Razorpay has signed an agreement with Bharti Airtel. Under this agreement, Airtel customers make seamless online payments through Razorpay's UPI (Unified Payment Interface) on the telecom firm's website and mobile app. 

- डिजिटल भुगतान सेवा देने वाली कंपनी रेजरपे ने भारती एयरटेल के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत अब एयरटेल की वेबसाइट और मोबाइल एप पर उसके ग्राहक रेजरपे की यूपीआई (एकीकृत भुगतान इंटरफेस) भुगतान सुविधा का उपयोग कर सकेंगे। 

8. SBM Group has received Reserve Bank of India approval to operate in the country through a wholly owned subsidiary. 

- एसबीएम समूह को पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी के माध्यम से देश में काम करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक की मंजूरी मिली है। 

9. Cybersecurity firm Symantec Corporation has opened a Security Operations Center (SOC) in Chennai. 

- साइबर सुरक्षा फर्म सिमेंटेक कारपोरेशन ने चेन्नई में एक सुरक्षा संचालन केंद्र (एसओसी) खोला है। 

10. Rajasthan has become the first State in the country to implement the national policy on biofuels unveiled by the Centre. 

- केंद्र द्वारा अनावरण किए गए जैव ईंधन पर राष्ट्रीय नीति लागू करने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य बन गया है।

Wednesday, 25 July 2018

Voca.

(i) Similitude (N.): the quality or state of being similar to something.

उच्चारण: सिमिलिट्यूड

हिंदी अनुवाद: आकार, तुलना, रूप, समानता, सादृश्य

समानार्थक शब्द: Likeness, Analogy, Similarity, Resemblance, Alikeness, Semblance, Counterpart, Twin,

Affinity, Comparison, Conformity, Sameness

विलोम शब्द: Difference, Dissimilitude, Unlikeness, Dissimilarity, Contrast, Distinction, Diversity,

Disagreement, Discrepancy, Disparity, Deviation, Original

प्रयोग: In this paper, the similitude problems of Tibetan Characters are discussed.

अर्थ: इस पेपर में, तिब्बती वर्णों की समानता की समस्याओं पर चर्चा की गई है।

(ii) Aristocracy (N.): the highest class in certain societies, especially those holding hereditary titles or offices.

उच्चारण: एरस्टाक्रसी / ऐरिस्टाक्रसी

हिंदी अनुवाद: अभिजात-वर्ग, उच्चवर्ग, प्रधानजन, कुलीनतंत्र, अभिजात वर्ग, श्रेष्ठ जनों के द्वारा राज्य शासन, कुलीन लोग, शिष्टजन, रईस-वर्ग, अमीर-उमरा

समानार्थक शब्द: Elite, Nobility, Royalty, Society, Gentry, Upper Class, Gentility, Dignity, Cream, High Society, Peerage, Elect

विलोम शब्द: Commoners, Lower Class, Plebeians, Proletariat, Rabble, Riffraff, Mob, Populace, People

Commons, Nation

प्रयोग: Those people belonged to the old aristocracy of New York.

अर्थ: वे लोग न्यूयॉर्क के पुराने अभिजात वर्ग से संबंधित थे।

(iii) Imitative (Adj.): copying or following a model or example.

उच्चारण: इमटैटिव / इमिटेटिव

हिंदी अनुवाद: अनुकरणशील, अनुकरणात्मक, कृत्रिम, नकली

समानार्थक शब्द: Counterfeit, Echoic, Onomatopoeic, Sham, Mock, Derivative, Mimetic, Mimic, Onomatopoetic, Artificial, False, Forged

विलोम शब्द: Genuine, No Imitative, No Echoic, Original, Creative, Fresh, Different, Authentic, New

Inventive, Ingenious

प्रयोग: Education in oral language is context-based and imitative.

अर्थ: मौखिक भाषा में शिक्षा संदर्भ आधारित और अनुकरणात्मक है।

(iv) Crumple (V.): crush (something, typically paper or cloth) so that it becomes creased and wrinkled.

उच्चारण: क्रम्पल

हिंदी अनुवाद: मरोड़ना, सिकोड़ना, सिलवट पड़ जाना, मोड़ना-तोड़ना, शिकन पड़ जाना, टूट जाना

समानार्थक शब्द: Wrinkle, Rumple, Crease, Collapse, Crinkle, Pucker, Fold, Crush, Cockle, Crimp, Rimple, Ruck

विलोम शब्द: Straighten, Flatten, Smooth, Fell, Demolish, Drop, Cast, Dangle, Deteriorate, Dismiss,

Expend

प्रयोग: Silk dresses are easy to crumple up if not carefully handled.

अर्थ: ध्यान से संभाले न जाने पर रेशम के कपड़ों पर आसानी से सिलवट पड़ जाती है।

(v) Adjudge (V.): consider or declare to be true or the case.

उच्चारण: अजज

हिंदी अनुवाद: निर्णय देना, न्यायनिर्णय करना, विनिर्णय करना, घोषित करना, निर्णय करना

समानार्थक शब्द: Judge, Adjudicate, Decide, Determine, Arbitrate, Sentence, Hold, Rule, Declare, Decree, Award

विलोम शब्द: Defer, Hesitate, Ignore, Leave

प्रयोग: It was adjudged wise to avoid war.

अर्थ: युद्ध से बचने के लिए यह बुद्धिमानी से निर्णय लिया गया था।

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