Friday, 19 April 2019

करेंट अफेयर्स (19 April

करेंट अफेयर्स (19 April

18 अप्रैल को विश्व के सांस्कृतिक-ऐतिहासिक स्थलों को धरोहरों के रूप में संरक्षित रखने के लिए यूनेस्को द्वारा हर साल विश्व धरोहर दिवस (World Heritage Day) का आयोजन किया जाता है। ट्यूनीशिया में इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ माउंटेंस एंड साइट्स द्वारा आयोजित एक संगोष्ठी में 18 अप्रैल,1982 को विश्व धरोहर दिवस मनाने का सुझाव दिया गया, जिसे कार्यकारी समिति द्वारा मान लिया गया। नवंबर,1983 में यूनेस्को के सम्मेलन के 22वें सत्र में हर साल 18 अप्रैल को वर्ल्ड हेरिटेज डे मनाने का प्रस्ताव पारित कर दिया गया। विश्व धरोहर सांस्कृतिक और प्राकृतिक महत्त्व के वे स्थल होते हैं, जो ऐतिहासिक और पर्यावरण के लिहाज से भी महत्त्वपूर्ण होते हैं। इनका अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व होता और इन्हें बचाए रखने के लिए विशेष प्रयास करने की ज़रूरत होती है। ऐसे स्थलों को आधिकारिक तौर पर संयुक्त राष्ट्र की संस्था ‘यूनेस्को’ विश्व धरोहर की मान्यता प्रदान करती है। कोई भी स्थल जिसे यूनेस्को समझता है कि यह मानवता के लिए जरूरी है...वहाँ का सांस्कृतिक और भौतिक महत्त्व है, उसे विश्व धरोहर के तौर पर मान्यता दी जाती है।


भारतीय नौसेना ने 13 से 16 अप्रैल तक कैम रण खाड़ी, वियतनाम में वियतनाम पीपुल्स नेवी के साथ द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास (IN-VPN BILAT-EX) के दूसरे संस्करण में हिस्सा लिया। यह अभ्यास दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों में पूर्वी बेड़े के जहाजों की चल रही प्रवासी तैनाती के एक भाग के रूप में किया गया था। इस अभ्यास का पहला संस्करण वियतनाम के डा नांग में पिछले वर्ष 21 से 26 मई तक आयोजित किया गया था। गौरतलब है कि दोनों देशों ने व्हाइट शिपिंग सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं और एक ‘सूचना साझाकरण’ कार्यक्रम चलाया है।


भारत और डेनमार्क के बीच अपतटीय पवन ऊर्जा तथा नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग पर समझौता हुआ। साथ ही भारत में भारत-डेनमार्क सेंटर ऑफ एक्सिलेंस फॉर रिन्यूअबल एनर्जी  की स्थापना पर भी सहमति जताई गई। इस सहयोग समझौते का उद्देश्य अपतटीय पवन ऊर्जा पर विशेष ध्यान देते हुए नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है। सहयोग के क्षेत्रों में अपतटीय पवन परियोजनाओं के प्रबंधन के लिये तकनीकी क्षमता विकसित करना, विंड पवन टर्बाइन, कलपुर्जे और अनुमान लगाना व समय-सारणी बनाना आदि शामिल हैं। भारत-डेनमार्क सेंटर ऑफ एक्सिलेंस नवीकरणीय ऊर्जा संसाधनों के मूल्यांकन का काम करेगा। इसके अतिरिक्त यह केंद्र पवन, सौर, जल-विद्युत और भंडारण तकनीक को आपस में जोड़ने, नवीकरणीय ऊर्जा को उच्च स्तर के पवन ऊर्जा से एकीकृत करने, जाँच और अनुसंधान तथा कौशल विकास व क्षमता निर्माण करने पर भी विशेष ध्यान देगा।


चिकित्सा की परंपरागत पद्धतियों और होम्योपैथी के क्षेत्र में भारत और बोलिविया के बीच सहयोग के लिये समझौता हुआ है। यह समझौता चिकित्सा की परंपरागत पद्धतियों और होम्योपैथी को बढ़ावा देने के लिये दोनों देशों के बीच सहयोग की रूपरेखा तैयार करेगा। इससे बोलिविया में चिकित्सा की परंपरागत पद्धतियों और होम्योपैथी को बढ़ावा देने के साथ-साथ उनका प्रचार-प्रसार होगा तथा बोलिविया में आयुष (आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी) के महत्त्व को बढ़ावा मिलेगा। यह समझौता चिकित्सकों और वैज्ञानिकों को प्रशिक्षण देने तथा सहयोगपूर्ण अनुसंधान के उद्देश्य से विशेषज्ञों के आदान-प्रदान की सुविधा को बढ़ाएगा, जिससे औषधि विकास और चिकित्सा की परंपरागत पद्धतियों में नए अविष्कार किये जा सकेंगे।


इसके अलावा भारत और बोलिविया के बीच भू-विज्ञान और खनिज संसाधनों के क्षेत्र में सहयोग के लिये भी एक समझौते पर दस्तखत किये गए हैं। यह समझौता खनिज संसाधनों के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग के लिये एक संस्थागत तंत्र प्रदान करेगा। समझौता ज्ञापन संसाधनों के बारे में जानकारी के आदान-प्रदान, कानून और नीति, विकास रणनीति के बारे में विचारों का आदान-प्रदान करने के लिये सेमिनारों के आयोजन, दोनों देशों के बीच प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को प्रोत्साहन और मूल्य संवर्द्धन को बढ़ावा देगा, जिससे प्रलेखन और प्रसार आदि का कार्य करने में मदद मिलेगी।


भारत और ब्राज़ील ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के अंतर्गत नवोन्मेष में सहयोग हेतु द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करने के लिये एक समझौते पर हस्ताक्षर किये। इसका उद्देश्य जैव-प्रौद्योगिकी शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान के क्षेत्र में ठोस रणनीतिक योजना तैयार करना है। इस समझौते के तहत सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में जैव औषधि और स्वास्थ्य (विशेषकर जैव आधारित उत्पाद), कृषि प्रजनन अभ्यास, जैव ईंधन और जैव ऊर्जा, नैनो प्रौद्योगिकी एवं जैव यंत्र विन्यास तथा जैव विविधता और वर्गीकरण विज्ञान आदि क्षेत्र शामिल हैं।


संचार क्षेत्र में सहयोग के लिये भारत और कम्बोडिया के बीच समझौता हुआ है। इस समझौते से संचार क्षेत्र में भारत और कम्बोडिया के बीच आपसी समझ और द्विपक्षीय सहयोग को मज़बूत बनाने में मदद मिलेगी।


भारत और दक्षिण कोरिया ने संयुक्त रूप से डाक टिकट जारी करने को लेकर एक समझौते पर हस्ताक्षा किये हैं।  इसके तहत भारत के संचार मंत्रालय के अंतर्गत डाक विभाग और दक्षिण कोरिया के विज्ञान तथा आईसीटी (कोरिया डाक) मंत्रालय ने ‘कोरिया की रानी – ह्यो ह्वांग-ओक’ की थीम पर एक संयुक्त डाक टिकट जारी करने पर सहमति जताई है। इस समझौते के तहत 2019 के अंत तक आपसी सहमति द्वारा तय की गई तिथि को संयुक्त डाक टिकटें जारी की जाएंगी।


लंबे समय से नकदी के संकट से जूझ रही निजी विमानन कंपनी जेट एयरवेज़ ने परिचालन अस्थायी तौर पर स्थगित करने की घोषणा की है। विमानन कंपनी के अनुसार, ऋणदाता बैंकों की ओर से उसे परिचालन में बनाए रखने के लिए ज़रूरी कर्ज़ देने से इनकार करने के बाद यह निर्णय लिया गया है। ज्ञातव्य है कि लगभग ढाई दशक से सेवाएँ दे रही जेट एयरवेज़ को उबारने के लिए बैंकों के समूह ने 400 करोड़ रुपए का आपात कर्ज़ देने से इनकार कर दिया है। इस तरह पिछले एक दशक में किंगफिशर एयरलाइन के बाद कामकाज बंद करने वाली जेट एयरवेज़ दूसरी बड़ी विमानन कंपनी बन गई है। किंगफिशर ने 2012 में कामकाज बंद कर दिया था। 


टाइम मैगजीन ने 100 प्रभावशाली लोगों की सूची जारी की

टाइम मैगजीन ने 100 प्रभावशाली लोगों की सूची जारी की

टाइम मैगजीन ने साल 2019 के शीर्ष 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची 17 अप्रैल 2019 को जारी की. इस सूची में शीर्ष नेताओं, कलाकारों, दिग्गजों और आइकन शामिल हैं.

टाइम मैगजीन ने दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में तीन भारतीयों को शुमार किया है. इनमें रिलायंस इडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी, भारत में एलजीबीटीयू (लेस्बियन, गे, बाईसेक्सुअल और ट्रांसजेंडर) समुदाय के हक के लिए लड़ने वाली वकील अरुंधति काटजू और मेनका गुरुस्वामी शामिल हैं.

मुख्य बिंदु:

•  इस लिस्ट में भारतीय-अमेरिकी कॉमेडियन और टीवी होस्ट हसन मिन्हाज, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, पोप फ्रांसिस, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान, प्रतिष्ठित गोल्फर टाइगर वुड्स और फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग शामिल हैं.

•  टाइम की सूची में यूएस ओपन की विजेता नाओमी ओसाका, ऑस्कर विजेता रामी मालेक, बराक ओबामा की पत्नी मिशेल ओबामा, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, ऑस्कर विजेता गायिक लैडी गागा, अबू धाबी के शहजाहे मोहम्मद बिन जायद समेत अन्य शख्सियतें शामिल हैं.

•  महिंद्रा समूह के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने टाइम 100 के लिए मुकेश अंबानी का प्रोफाइल लिखा है. महिंद्रा ने कहा कि अंबानी के पिता धीरूभाई अंबानी भारतीय उद्योग जगत में एक दूरदर्शी उद्योगपति के रूप में जाने जाते हैं, लेकिन मुकेश अंबानी का नजरिया उनके पिता की तुलना में अधिक महत्वाकांक्षी है. वह अपने हर पहल की शुरुआत अपने पिता के आशीर्वाद से करते हैं.

•  बॉलिवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने अरुंधति काटजू और मेनका गुरुस्वामी के प्रोफाइल में लिखा कि दोनों महिलाओं ने भारत में एलजीबीटी समुदाय के लिए समान अधिकार सुनिश्चित करने के लिए लड़ी जा रही लड़ाई का नेतृत्व किया और समलैंगिक याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व करने वाली प्रमुख वकीलों में से एक थीं.

टाइम मैगजीन के बारे में:

टाइम अमेरिकी साप्ताहिक समाचार मैगजीन है जिसका प्रकाशन न्यूयॉर्क शहर से होता है. इसकी स्थापना साल 1923 में हुई थी और कई दशकों तक इस पर हॅनरी ल्यूस का प्रभुत्व रहा. टाइम के विश्व में कई विभिन्न संस्करण प्रकाशित होते हैं. एशियाई संस्करण टाइम एशिया हॉन्ग कॉन्ग से संचालित होता है.

साप्ताहिक समाचार मैगजीन की श्रेणी में टाइम का संचलन विश्व में सर्वाधिक है. साल 2014 के अनुसार, इसका कुल संचलन 3,281,557 प्रतियों का है, जो इसे अमेरिका की सर्वाधिक संचलन वाली सभी पत्रिकाओं में दसवाँ, तथा साप्ताहिक पत्रिकाओं में दूसरा स्थान देता है.

Thursday, 18 April 2019

मिताली राज को स्ट्रीट चाइल्ड क्रिकेट विश्व कप के लिए गुडविल एम्बेसडर चुना गया

मिताली राज को स्ट्रीट चाइल्ड क्रिकेट विश्व कप के लिए गुडविल एम्बेसडर चुना गया

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भारत की स्टार महिला क्रिकेट खिलाड़ी मिताली राज को स्ट्रीट चाइल्ड क्रिकेट विश्व कप में भारतीय टीम का गुडविल एम्बेसडर चुना गया है। वे पूर्व क्रिकेट कप्तान सौरव गांगुली के साथ मिलकर स्ट्रीट चाइल्ड क्रिक्केट वर्ल्ड कप में भारतीय टीम का समर्थन करेंगी।

स्ट्रीट चाइल्ड क्रिकेट विश्व कप

प्रथम स्ट्रीट चाइल्ड क्रिकेट विश्व कप (गली क्रिकेट बाल विश्व कप) का आयोजन 2019 ICC क्रिकेट विश्व कप के पहले किया जाएगा। इसका उद्देश्य विश्व भर में इस प्रकार के परिवेश में रहने वाले बच्चों के विरुद्ध होने वाले नकारात्मक व्यवहार के बारे में जागरूकता फैलाना है। यह इन युवा क्रिकेटरों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए एक नायाब पहल है।

मिताली राज

Mitali Raj (Indian Cricketer)

मिताली राज का जन्म 3 दिसम्बर, 1982 को जोधपुर में हुआ था। उन्हें महिला क्रिकेट की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक माना जाता है। वे अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाली बल्लेबाज़ हैं। मिताली के नाम अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में कई रिकॉर्ड हैं, इनमे में कुछ प्रमुख प्रमुख रिकॉर्ड इस प्रकार हैं :

महिला एकदविसीय क्रिकेट में 6000 रनों का आंकड़ा पार करने वाली पहली खिलाड़ी।

एकदिवसीय क्रिकेट में लगातार 7 अर्धशतक बनाने वाली पहली खिलाड़ी।

महिला एकदिवसीय क्रिकेट में सर्वाधिक अर्धशतक।

मिताली राज ICC एकदिवसीय क्रिकेट विश्व कप के फाइनल में 2 भारत की कप्तानी करने वाली एकमात्र खिलाड़ी (2005 और 2017) ।

मिताली राज को वर्ष 2003 में अर्जुन पुरस्कार, 2015 में पद्म श्री, 2017 में यूथ स्पोर्ट्स आइकॉन ऑफ़ एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है।

Wednesday, 17 April 2019

प्रीलिम्स फैक्ट्स: 17 अप्रैल, 2019

प्रीलिम्स फैक्ट्स: 17 अप्रैल, 2019

विश्व हीमोफीलिया दिवस

प्रत्येक वर्ष 17 अप्रैल को ‘विश्व हीमोफीलिया दिवस’ (World Hemophilia Day) मनाया जाता है। गौरतलब है कि यह दिवस हीमोफीलिया तथा रक्तस्राव संबंधी अन्य आनुवंशिक विकारों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिये प्रतिवर्ष मनाया जाता है।

इस वर्ष विश्व हीमोफीलिया दिवस का मुख्य विषय (Theme)- ‘Reaching out - connect to your community’ है।


वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ हीमोफीलिया (World Federation of Hemophilia-WFH) के संस्थापक फ्रैंक कैनबेल के जन्मदिन के उपलक्ष्य में 17 अप्रैल को विश्व हीमोफीलिया दिवस के रूप में मनाया जाता है जिसकी शुरुआत 1989 में की गई थी।


हीमोफीलिया खून के थक्के बनने की क्षमता को प्रभावित करने वाला एक आनुवंशिक रोग है।


हीमोफिलिया के तीन रूप हैं: यह ए, बी और सी जीनों में एक दोष के कारण होता है।


इसके लक्षण तुरंत चिकित्सा सहायता की आवश्यकता को इंगित करते हैं, इनमें गंभीर सिरदर्द, लगातार उल्टी, गर्दन का दर्द, अत्यधिक नींद और चोट से लगातार खून बहना आदि शामिल हैं। हीमोफिलिया लाइलाज़ बीमारी है।


यह एक आनुवंशिक बीमारी है, जिससे पुरुष पीड़ित होते हैं और महिलाएँ इस बीमारी की वाहक होती हैं। इसमें एक व्यक्ति में 'क्लोटिंग कारक' नामक प्रोटीन के निम्न स्तर होते हैं, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव होता है परिणामस्वरूप रक्त का थक्का नहीं बनता है।


होम एक्सपो इंडिया 2019

‘आठवें होम एक्सपो इंडिया, 2019’ (HOME EXPO INDIA 2019) का आयोजन ग्रेटर नोयडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट एंड सेंटर में किया जा रहा है।

इस तीन दिवसीय प्रदर्शनी का आयोजन एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स (Export Promotion Council for Handicrafts -EPCH) द्वारा किया जा रहा है।


चुनिंदा प्रदर्शक, प्रीमियम उत्पाद और आमंत्रित खरीदार इस वर्ष के होम एक्सपो के मुख्य आकर्षण हैं।


अंतर्राष्ट्रीय ट्रेंड के अनुसार, सेक्टर विशेष के उत्पादों पर प्रदर्शनी आयोजित करने से खरीदारों की निश्चित आवश्यकताओं पर ध्यान रखना आसान होता है।


अमेरिका, अर्जेंटीना, ब्राज़ील, कोलंबिया, संयुक्त अरब अमीरात, लेबनान, ईरान, नाइजीरिया समेत 50 से अधिक देशों के खरीदार इस प्रदर्शनी में भाग ले रहे हैं।


एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स (EPCH )

EPCH भारत में हस्तशिल्प के लिये नोडल निर्यात संवर्द्धन निकाय है।


यह हस्तशिल्प में व्यापार को बढ़ाने के मुख्य उद्देश्य के साथ एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।


EPCH भारत की छवि को वैश्विक बाज़ार में एक विश्वसनीय आपूर्तिकर्त्ता के रूप में पेश करता है।


वयोश्रेष्ठ सम्मान

वयोश्रेष्ठ सम्मान वरिष्‍ठ नागरिकों की सराहनीय सेवा करने वाले संस्‍थानों और वरिष्‍ठ नागरिकों को उनकी उत्तम सेवाओं तथा उपलब्धियों के सम्‍मान स्‍वरूप प्रदान किया जाता हैं।

वर्ष 2013 से 13 विभिन्‍न श्रेणियों में वयोश्रेष्‍ठ सम्‍मान प्रदान किया जाता है।


वयोश्रेष्‍ठ सम्‍मान की स्‍थापना सामाजिक न्‍याय और अधिकारिता मंत्रालय ने वर्ष 2005 में की थी और इसे वर्ष 2013 में राष्‍ट्रीय पुरस्‍कारों की श्रेणी में लाया गया।


यह युवा पीढ़ी को समाज और राष्ट्र के निर्माण में बुजुर्गों के योगदान को समझने का अवसर भी प्रदान करता है।


इस पुरस्‍कार के लिये भारत सरकार के मंत्रालयों/विभागों और उनके स्वायत्त संगठनों से नामांकन आमंत्रित किये जाते हैं।


रेजिलियंट सिटीज़ एशिया-पैसिफिक (RCAP) कॉन्ग्रेस 2019

हाल ही में नई दिल्ली में चौथी रेजिलियंट सिटीज़ एशिया-पैसिफिक (Resilient Cities Asia-Pacific-RCAP) कॉन्ग्रेस 2019 का आयोजन किया गया।

इस कॉन्ग्रेस में लगभग 30 देशों के 200 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्‍सा लिया।


जलवायु परिवर्तन और लचीले शहरों के अनुकूलन हेतु रेजिलियंट सिटीज़ एशिया-पैसिफिक (RCAP) एक वार्षिक वैश्विक मंच है। इसकी शुरुआत 2010 में की गई थी।


इसका आयोजन इंटरनेशनल काउंसिल फॉर लोकल एन्वायरनमेंटल इनिशिएटिव्स (ICLEI)-सस्टेनेबिलिटी हेतु स्थानीय सरकार और साउथ दिल्ली नगर निगम द्वारा 15 से 17 अप्रैल, 2019 तक किया जा रहा है।

नासा ने सौरमंडल के बाहर पृथ्वी जैसा पहला ग्रह खोजा

नासा ने सौरमंडल के बाहर पृथ्वी जैसा पहला ग्रह खोजा

इस ग्रह को नासा के ट्रांजिटिंग एक्सोप्लेनेट सर्वे सेटेलाइट (टीईएसएस) ने खोजा है. यह ग्रह अपने तारे की काफी नज़दीक से परिक्रमा कर रहा है इसलिए वैज्ञानिकों का मानना है कि यह ग्रह रहने योग्य नहीं हो पाएगा.

नासा ने हाल ही में सौरमंडल के बाहर पृथ्वी के आकार का ग्रह खोजा है. यह ग्रह धरती से 53 प्रकाशवर्ष दूर स्थित एक तारे की परिक्रमा कर रहा है.


इस ग्रह को नासा के ट्रांजिटिंग एक्सोप्लेनेट सर्वे सेटेलाइट (टीईएसएस) ने खोजा है. यह ग्रह अपने तारे की काफी नज़दीक से परिक्रमा कर रहा है इसलिए वैज्ञानिकों का मानना है कि यह ग्रह रहने योग्य नहीं हो पाएगा. खासतौर पर जिस तरह के जीवन की अभी तक परिकल्पना है.

मुख्य बिंदु:

•  यह नया खोजा गया ग्रह तारे की एक परिक्रमा पृथ्वी के 7.8 दिनों में पूरा करता है. टेस पिछले एक साल से ही काम कर रहा है लेकिन उम्मीद की जा रही है कि यह केप्लर स्पेस टेक्नॉलजी से बेहतर साबित होगा.

•  केप्लर अब तक सौरमंडल के बाहर कुल 2500 ग्रहों की खोज कर चुका है. जो कि सौरमंडल के बाहर खोजे गए कुल ग्रहों का लगभग 70 प्रतिशत है.

•  एस्ट्रोनॉमर्स का मानना है कि टेस सौरमंडल के बाहर रहने लायक ग्रहों की खोज करने में सक्षम है.

खोजे गए ग्रह:

•  टीईएसएस ने अब तक दो ग्रह खोजे हैं. इन्हें एचडी 21749बी और एचडी 21749सी नाम दिया गया है. इन ग्रहों के तारे का द्रव्यमान सूरज के 80 फीसदी के बराबर है.

•  एचडी 21749बी अपने तारे की 36 दिन में परिक्रमा पूरी कर लेता है. इस ग्रह का द्रव्यमान पृथ्वी से 23 गुना और रेडियस पृथ्वी से 2.7 गुना है.

•  दूसरा ग्रह एचडी 21749सी का आकार लगभग पृथ्वी के बराबर है. यह अपने तारे की आठ दिन में परिक्रमा पूरी करता है.

नासा के बारे में:

•  नासा (National Aeronautics and Space Administration) संयुक्त राज्य अमेरिका की सरकार की शाखा है जो देश के सार्वजनिक अंतरिक्ष कार्यक्रमों व एरोनॉटिक्स व एरोस्पेस संशोधन के लिए जिम्मेदार है.


•  फ़रवरी 2006 से नासा का लक्ष्य वाक्य "भविष्य में अंतरिक्ष अन्वेषण, वैज्ञानिक खोज और एरोनॉटिक्स संशोधन को बढ़ाना" है. 


•  नासा ने 14 सितंबर 2011 को घोषणा की कि उन्होंने एक नए स्पेस लॉन्च सिस्टम के डिज़ाइन का चुनाव किया है जिसके चलते संस्था के अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष में और दूर तक सफर करने में सक्षम होंगे और अमेरिका द्वारा मानव अंतरिक्ष अन्वेषण में एक नया कदम साबित होंगे.


•  नासा का गठन नैशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस अधिनियम के अंतर्गत 19 जुलाई 1948 में इसके पूर्वाधिकारी संस्था नैशनल एडवाइज़री कमिटी फॉर एरोनॉटिक्स (एनसीए) के स्थान पर किया गया था.


•  इस संस्था ने 1 अक्टूबर 1948 से कार्य करना शुरू किया. तब से आज तक अमेरिकी अंतरिक्ष अन्वेषण के सारे कार्यक्रम नासा द्वारा संचालित किए गए हैं जिनमे अपोलो चन्द्रमा अभियान, स्कायलैब अंतरिक्ष स्टेशन और बाद में अंतरिक्ष शटल शामिल है.


•  वर्तमान में नासा अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन को समर्थन दे रही है और ओरायन बहु-उपयोगी कर्मीदल वाहन व व्यापारिक कर्मीदल वाहन के निर्माण व विकास पर ध्यान केंद्रित कर रही है.


 ट्रांजिटिंग एक्सोप्लैनेट सर्वे सैटेलाइट (टीईएसएस):

•   नासा ने एक्सोप्लैनेट की खोज के लिए टीईएसएस को अप्रैल 2018 में लॉन्च किया था.

•   अपने दो साल के अभियान में टीईएसएस 30 से 300 प्रकाश वर्ष दूर स्थित ग्रहों और चमकीले तारों का अध्ययन कर रहा है.

•   मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) द्वारा विकसित उपग्रह का लक्ष्य हजारों ऐसे ग्रहों की तलाश करना है जो हमारे सौर मंडल से बाहर हैं.

•   यह अंतरिक्ष यान एक फ्रिज के आकार का है और जो कि चार कैमरों द्वारा सुसज्जित है. टीईएसएस लगभग दो साल के लिए मिशन पर है और लगभग पूरे आकाश को खंगालेगा.

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करेंट अफेयर्स एक पंक्ति में: 16 अप्रैल 2019

करेंट अफेयर्स एक पंक्ति में: 16 अप्रैल 2019

•   वह लॉन्च व्हीकल जिसके चौथे चरण को जारी रखने के लिए केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी प्रदान की है - GSLV

•   वह देश जिसने हाल ही में विश्व की पहली सशस्त्र उभयचर ड्रोन नौका का सफल परीक्षण किया – चीन

•   वह महिला केन्द्रीय मंत्री जिसपर चुनाव प्रचार के दौरान गलतबयानी के कारण 48 घंटे के लिए रोक लगा दी गई है – मेनका गांधी

•   वह महासागर जहां वैज्ञानिकों ने 11 हज़ार मीटर की गहराई में एक ऐसे अनोखे बैक्टीरिया की खोज की है, जो तैलीय पदार्थों को अपना भोजन बनाता है – प्रशांत महासागर

•   वह सरकारी विभाग जिसने स्थाजनीय स्त र पर तीन महीने के भीतर जैव विविधता संबंधन समितियां गठित करने के बारे में पर्यावरण और वन मंत्रालय को रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है – एनजीटी

•   वह समाचार पत्र जिसे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके परिवार से संबंधित जानकारियां सामने लाने के लिए ‘पुलित्जर पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया है -न्यूयॉर्क टाइम्स 

•   इन्हें हाल ही में केनरा बैंक का एमडी एवं सीईओ नियुक्त किया गया है – आर. ए. शंकरनारायणन 

•   वह विश्वविद्यालय जिसके प्रोफेसरों की एक टीम ने एंटीबायोटिक प्रतिरोध से निपटने के लिये एंटीबायोग्रामोस्कोप नामक एक उपकरण विकसित किया है - अन्ना विश्विद्यालय

•   भारत द्वारा विदेश मंत्रालय में स्थापित किया गया नया विभाग है – इंडो-पैसिफिक

Tuesday, 16 April 2019

ब्‍लड कैंसर का इलाज खोजने में सहायक हो सकती है 'एसरिज

ब्‍लड कैंसर का इलाज खोजने में सहायक हो सकती है 'एसरिज'

शोधकर्ताओं ने ऐसे स्टेम सेल प्रोटीन की पहचान की है, जो ब्लड कैंसर का इलाज खोजने में मददगार हो सकता है। चूहों पर किए गए अध्ययन में पाया गया है कि एसरिज कहा जाने वाला स्टेम सेल प्रोटीन स्टेम कोशिकाओं में ट्यूमर सप्रेशर पी53 का अच्छा रेगुलेटर है। बेंगलुरु स्थित जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च की शोधकर्ता मनीषा एस. ईनामदार ने कहा कि इसकी मदद से धीरे-धीरे विकास करने वाले विभिन्न ब्लड कैंसर की टार्गेटेड थेरेपी ईजाद की जा सकती है।

विज्ञान पत्रिका ‘ब्लड’ में प्रकाशित शोध में कहा गया है कि कैंसर के विकास के लिए पी-53 का निष्क्रिय होना जरूरी है। ऐसे में इस ट्यूमर सप्रेशर को लक्ष्य करते हुए कैंसर से निपटने के लिए टार्गेटेड थेरेपी का रास्ता खुल सकता है।आमतौर पर ब्लड कैंसर होने के कई कारण हो सकते हैं। ल्यूकीमिया सबसे आम ब्लड कैंसर है। ल्यूकीमिया होने पर कैंसर के सेल्स शरीर के रक्त बनाने की प्रक्रिया में दखल देने लगते हैं। ल्यूकीमिया रक्त के साथ-साथ अस्थि मज्जा (बोन मैरो) पर भी हमला कर देता है।ब्लड कैंसर रोगी के रक्त, अस्थि मज्जा और लसीका प्रणाली में होता है। ब्लड कैंसर की जल्द पहचान के लिए जरूरी है कि इसके लक्षणों को पहचाना जाए और जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क कर इलाज शुरू किया जाए। ब्लड कैंसर के ज्यादातर मामलों में रोगी को थकान और कमजोरी महसूस होती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि रक्त में लाल रक्त कोशिकाओं की संख्य कम होने लगती है जिससे व्यक्ति में खून की कमी हो जाती है।रक्त कैंसर से ग्रस्त व्यक्ति बार-बार संक्रमण की चपेट में आ जाता है। जब शरीर में ल्यूकीमिया के सेल विकसित होते हैं तो रोगी के मुंह, गले, त्वचा, फेफड़ो आदि में संक्रमण की शिकायत देखी जा सकती है।जिन लोगों को कैंसर होता है उनका वजन असामान्य रूप से कम होने लगता है। अगर बिना किसी प्रयास के शरीर का वजन ज्यादा कम हो जाये तो इसे कैंसर का प्राथमिक लक्षण के रूप में देखा जा सकता है।बुखार कैंसर का एक सामान्य लक्षण होता है। कैंसर मरीज की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, इसलिए मरीज को अक्सर बुखार रहने लगता है। ब्लड कैंसर, ल्यूकीमिया इत्यादि में अक्सर बुखार के लक्षण नजर आते हैं।शरीर में ल्यूकीमिया सेल्स का असामान्य निर्माण अस्थि मज्जा को स्वस्थ रक्त कोशिकाओं को बनाने से रोकता है जैसे प्लेटलेट्स। प्लेटलेट्स कोशिकाओं का ही एक हिस्सा होता है जो चोट लगने पर ज्यादा रक्त आने से रोकता है। लेकिन इसकी कमी के कारण रोगी के नाक से, मासिक धर्म के दौरान, मसूड़ों आदि से ज्यादा ब्लीडिंग की समस्या देखी जा सकती है।हड्डियों और जोड़ों में दर्द होना सिर्फ अर्थराइटिस ही नहीं रक्त कैंसर का भी लक्षण हो सकता है। रक्त कैंसर अस्थि मज्जा में होने वाला रोगा है जो कि हड्डियों और जोड़ों के आसापास ज्यादा मात्रा में पाया जाता है जैसे श्रोणी क्षेत्र और उरोस्थि क्षेत्र। यह मैरो में सफेद रक्त कोशिकाओं की मात्रा बढ़ जाने के कारण ऐसा होता है।असामान्य सफेद रक्त कोशिकाएं लिवर में जमा होने से एकत्र हो जाती हैं जिससे पेट में सूजन और अन्य समस्याएं हो जाती है। इस तरह की सूजन से आपकी भूख भी कम हो सकती है। थोड़ा सा खाने पर ही आपका पेट भरा लगने लगता है। ऐसे में आपको डॉक्‍टर से जरूर संपर्क करना चाहिये।स्टेम सेल्स अस्थि मज्जा की रक्त बनाने वाली कोशिकाएं हैं ये लगातार धमनियों व शिराओं में नई रक्त कोशिकाओं को विभाजित करता है। स्टेम सेल ट्रांसप्लांट कीमोथेरेपी व रेडिएशन थेरेपी को मजबूत बनाने में सक्षम है जिससे ल्यूकीमिया के सेल्स को खत्म किया जा सके। क्षतिग्रस्त बोन मेरो को स्टेम सेल से ट्रांसप्लांट कर देते हैं जिससे नई रक्त कोशिकाएं बन सकें।

ट्रांसप्लांट के लिए स्टेम कोशिकाएं कहां से मिलती हैं

अस्थि मज्जासफेद रक्त कोशिकाओंअंबिकल कॉर्ड कोशिकाये कोशिकाएं सावधानीपूर्वक स्टोर करके रखी जाती है जब तक रोगी का ल्यूकीमिया को खत्म करने के लिए हाई डोज की दवाएं दी जाती हैं। यह ट्रांसप्लांट कीमोथेरेपी के तीन दिन के कोर्स के बाद किया जाता है।स्टेम सेल ट्रांसप्लांट दो तरह का होता है।

ओटोलोगस एससीटी

ओटोलोगस स्टेम सेल ट्रांसप्लांट को ओटोलोगस बोन मेरो ट्रांसप्लांट के नाम से भी जाना जाता है। इसमें रोगी के अस्थि मज्जा से ही स्टेम सेल निकाल कर ही उसको ट्रांसप्लांट करते हैं। स्टेम कोशिकाओं के ट्रांसप्लांट के लिए इस तकनीक का उपयोग बहुत कम होता है क्योंकि इसमें सामान्य कोशिकाओं के ल्यूकीमिया से प्रभावित होने का खतरा होता है।

ऐलोजेनिक एससीटी

ऐलोजेनिक एससीटी को एलोजेनिक बोन मेरो ट्रांसप्लांट के नाम से भी जाना जाता है। इसमें किसी अन्य व्यक्ति के स्वस्थ सेल्स मिला करके रोगी के क्षतिग्रस्त सेल्स से स्थानांतरित कर देते हैं।

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